फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Children in Noida are away from schools

कहने को हाईटेक सिटी पर स्कूल से दूर हैं बच्चे

Sat, 21 Jun 2014 04:57 PM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 21 Jun 2014 04:57 PM IST
विज्ञापन
Children in Noida are away from schools

हाईटेक सिटी नोएडा में एक ओर जहां आलीशान इमारतें हैं, जिनमें आधुनिक शिक्षा लेने के लिए कई राज्यों से छात्र आते हैं।

विज्ञापन


वहीं दूसरी ओर इसी शहर में एक तबका और भी है, जो शिक्षा से वंचित है। इस तबके के बच्चे पढ़ाई तो दूर पेट की खातिर अपना बचपन तक भूल बैठे हैं।

इनमें कई तो ऐसे (आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रेन) हैं, जिन्होंने आज तक स्कूल नहीं देखा है। इनके अलावा ऐसे (ड्रॉप आउट) बच्चे भी हैं, जिन्हें दाखिला लेने के बाद अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। लिहाजा शिक्षा के अधिकार कानून की बात इनके लिए बेमानी साबित होती दिख रही है। पेश है एक रिपोर्ट...

केस-1
स्कूल इनके लिए है सपना
सेक्टर-15, 01.00 बजे दोपहर
सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों पर टहलता पांच साल का राजेश लोगों को निहार रहा था। उसके वहां होने का मकसद किसी न किसी से दो चार रुपये पाने का था। पूछने पर उसने बताया कि वह कभी स्कूल नहीं गया। उसके पिता किसी कंपनी में काम करते हैं। वह सेक्टर-2 में अपने पिता के साथ रहता है। उसका कहना है कि उसे किसी ने न तो स्कूल जाने को कहा और न ही पढ़ाई करने को कहा।
विज्ञापन


केस-2
काम की खातिर स्कूल से दूर
सेक्टर-60, 02.00 बजे दोपहर
एक ठेली पर सब्जियों की बोरी ले जाता 12 साल का इरफान गर्मी के कारण एक पेड़ के नीचे सुस्ता रहा था। जब स्कूल जाने के बारे में पूछा तो उससे हंसते हुए बताता है कि वह कभी स्कूल नहीं गया। वह और उसके माता-पिता सब्जियों की ठेली लगाते हैं। हालांकि उसने बताया कि उसके छोटे भाई बहन पढ़ार्ई करते हैं। स्कूल में दाखिले के सवाल पर उसने कहा कि अब तो मुझे काम करना है। मेरे भाई बहन पढ़ जाएं। यही उसकी इच्छा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-3
कमाने को घर से आया इतनी दूर
सेक्टर-59, 03.00 बजे दोपहर
एक दुकान पर काम कर रहा 10 साल का मुखदेव बिहार के मधुबनी जिले से कुछ महीने पहले नोएडा आया। गांव में भी उसने कभी स्कूल में दाखिला नहीं लिया। आर्थिक कमी के कारण वह अपने भाई के पास नोएडा आ गया। दोनों भाई एक दुकान पर मेहनत करके पैसे कमाते हैं। स्कूल में दाखिले के सवाल पर उसने कहा कि पढ़ाई में मन नहीं लगता। वह यहां काम करने आया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed