मेनहोल में गिरा बच्चा, पिता ने मांगे 20 लाख
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दिल्ली में एक मेनहोल में गिरकर सात वर्षीय बच्चे की मौत को सात माह बीत गए लेकिन अभी तक यह नहीं पता चला कि मामले में किस विभाग की लापरवाही थी।
अब बच्चे के पिता ने 20 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट की शरण ली है। अदालत ने दिल्ली सरकार, एमसीडी, दिल्ली पुलिस आयुक्त व पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने सभी को 5 नवंबर तक यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली जाए।
खेलते समय गिरे थे दो बच्चे
अदालत ने मो. सदफ के पिता मो. असलम खान की याचिका पर यह निर्देश दिया। हरिजन बस्ती कोंडली निवासी मो. असलम के अधिवक्ता लोकेश कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि 31 जनवरी 2014 को उनके मुवक्किल का सात वर्षीय पुत्र मो. सदफ एक अन्य बच्चे के साथ खेल रहा था।
अचानक दोनों बच्चे मेनहोल में गिर गए। लोगों के काफी प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकाला लेकिन सदफ की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि मेनहोल का ढक्कन काफी अरसे से गायब था, लेकिन संबंधित विभागों ने कभी भी उसे ढकने का प्रयास नहीं किया। न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
तो इसलिए मांगे 20 लाख
मेनहोल रिहायशी क्षेत्र में था और दिल्ली सरकार, एमसीडी व पीडब्ल्यूडी की उसे ढकने की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि गाजीपुर पुलिस ने भी मात्र डीडी एंट्री कर खानापूर्ति कर ली। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसडीएम के निर्देश पर उन्हें मात्र एक लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। बच्चा एमसीडी के स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था और उसका भविष्य उज्जवल था। ऐसे में उनके मुवक्किल को बतौर मुआवजा 20 लाख रुपये दिलवाए जाएं।