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Delhi: नीट और जेईई में सफल हुए सरकारी स्कूलों के 1141 छात्रों को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया सम्मानित

Fri, 16 Sep 2022 03:13 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 16 Sep 2022 03:13 PM IST
सार

संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के में सफलता हासिल करने वाले  1,141 छात्रों को दिल्ली सरकार ने सम्मानित किया है। 

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Chief Minister Arvind Kejriwal honored the students who succeeded in the NEET-JEE examination
छात्रों को सम्मानित करते सीएम और डिप्टी सीएम - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली की शिक्षा क्रांति ने पूरे देश को एक राह दिखाई है। इस क्रांति से यह विश्वास बना है कि सरकारी स्कूल ठीक हो सकते हैं। शिक्षा चैरिटी का नहीं अधिकार का मसला है। दिल्ली की तरह पूरे देश के सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा दी जा सकती है और यह संभव है। दिल्ली के मुख्यमंत्री यह बातें अरविंद केजरीवाल ने त्यागराज स्टेडियम में नीट-जेईई में सफल रहे छात्रों को सम्मानित करते हुए कही। 

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मुख्यमंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि जेईई और नीट की परीक्षा में सफल होने वाले सरकारी स्कूलों के 1,141 छात्रों को सम्मानित किया।  इस बार  नीट में 648 और जेईई परीक्षा में 493 सफल रहे हैं। इनमें से कई बच्चे काफी गरीब परिवारों से हैं। समारोह में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, शिक्षा सचिव समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 
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सम्मान समारोह में केजरीवाल ने कहा कि देश में हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। सफल हुए बच्चों में कई गरीब परिवारों से हैं लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अब वह डॉक्टर और इंजीनियर बनने जा रहे हैं। उन्होंने बच्चों को सफलता का मंत्र दिया कि भविष्य में सफल होने पर अपे परिवार और शिक्षक को मत भूलना। विदेश जाने का मौका मिले तो वापस जरुर आना।
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नीट में लड़कियां, जेईई में लड़के आगे
केजरीवाल ने बताया कि सरकारी स्कूलों के 648 बच्चे नीट की परीक्षा में सफल हुए हैं। इनमें लड़कियों ने बाजी मारी है। सफल रहे छात्रों में 199 लड़के हैं और 449 लड़कियां हैं। जबकि जेईई में 493 बच्चे सफल हुए हैं। जेईई में लड़के ज्यादा सफल रहे हैं। इनमें 404 लड़के और 89 लड़किया सफल हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि कम से कम दिल्ली के अंदर हर गरीब और अमीर के बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मुहैया करा पा रहे हैं। 

फ्री में कुछ नहीं मिलता है
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि छात्रों को अच्छी और फ्री शिक्षा मिली है। लेकिन फ्री कुछ भी नहीं मिलता है। बच्चों की शिक्षा में देश के लोगों का पैसा लगा है। देश में गरीब आदमी भी टैक्स देता है। दूध, दही, किताब, माचिस खरीदते हैंए तो उस पर टैक्स लगता है।

बच्चों ने साबित किया कि मुश्किलों के बावजूद अच्छे से पढ़ सकते हैं
उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पिछले 7 सालों से लगातार दिल्ली के सरकारी स्कूलों को शानदार बनाने का काम किया जा रहा है। रहे है। नीट और जेईई में सफल रहे बच्चों की बड़ी संख्या उसी काम का नतीजा है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने आर्थिक और भावनात्मक रूप से अपने जीवन में सबसे कठिन समय देखा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि मुश्किलों के बावजूद वो अच्छे से पढ़ सकते हैं, कड़ी मेहनत कर सकते हैं। 

माता-पिता की मौत के बाद भी लक्ष्य नहीं भूले
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-17 स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास करने वाले करण तनेजा ने नीट की परीक्षा में 402 जनरल-ईडब्ल्यूएस रैंक हासिल किया है। 11वीं कक्षा में उन्होंने इस स्कूल में एडमिशन लिया था। करण तनेजा मात्र 10 साल के थे, उस दौरान उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी। माता-पिता का सपना था कि भविष्य में करण डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करें। करण का बड़ा भाई दुकान में काम करता है और हर माह केवल 8 हजार रुपये कमाकर परिवार की जरुरतों को पूरा कर रहा है। करण को स्कूल के शिक्षकों और एचओएस और लाइब्रेरियन का काफी स्पोर्ट मिला और उन्हें लाइब्रेरी से किताबें देने में भी मदद की।

बिना किसी कोचिंग के नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की
तुगलकाबाद स्थित रेलवे कॉलोनी, एसकेवी रानी झांसी से 12वीं की परीक्षा पास करने वाली अंजलि सिंह ने नीट की परीक्षा में 598 रैंक हासिल की है। अंजलि के पिता सुरक्षा गार्ड हैं और मां गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के कारण अंजलि को निजी स्कूल छोडना पड़ा। बाद में उन्होंने सरकारी स्कूल में दाखिला लिया। अंजलि ने बिना किसी कोचिंग के नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की है और अपने परिवार में वह डॉक्टर की पढ़ाई करने वाली पहली लड़की है।

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