फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Chhath Puja starts today with Nahai-Khay in delhi and around country

आस्था का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ आज से शुरू

Thu, 31 Oct 2019 07:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 31 Oct 2019 07:31 AM IST
विज्ञापन
Chhath Puja starts today with Nahai-Khay in delhi and around country
छठ पूजा

पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार में श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाले छठ महापर्व की तैयारियां दिल्ली में शुरू हो गई है। पर्व की लोकप्रियता देश की राजधानी दिल्ली में भी हर साल की तरह इस साल भी देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां छठ पूजा के लिए यमुना घाटों को तैयार किया जा रहा है वहीं, पूजन सामग्री के लिए बाजार भी सज गए हैं।

विज्ञापन


व्रतियों ने भी इस पर्व की तैयारी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को यह व्रत नहाए-खाय के साथ शुरू होगा। घरों में व्रती इसकी तैयारी में जुटे हुए है। इस पर्व का मुख्य प्रसाद ठेकुआ, खजूर होता है जो आटे का बनता है। इसके लिए भी व्रतियों ने तैयारी शुरू कर दी है। 
विज्ञापन


दिवाली की सफाई के बाद छठ व्रत के लिए घरों की भी सफाई हुई, ताकि पूजन सामग्री का भंडारण किया जा सके। पूजा सामग्री के लिए नए बर्तन भी खरीदे जा रहे हैं। साड़ियों की दुकानों पर भी रौनक है, व्रती नई साड़ी पहनकर ही अस्तांचल सूर्य व उदय होते सूर्य को अर्घ्य देती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूजन सामग्री की बात करें तो पूर्वी दिल्ली इलाके में खासतौर से प्रसाद के लिए बाजार सजे हुए हैं। पूजन सामग्री के लिए दिल्ली के पालम इलाके, पूर्वी दिल्ली, द्वारका, बुराड़ी, गोपालपुर, जहांगीर पुरी समेत कई जगहों पर खरीदारी की जा रही है। कोशी, पीतल का सूप, बांस का सूप, दउरा, केला, संतरा, अनार, सेब, पानी फल, गागल, पानी वाला नारियल, गन्ना, कच्ची हल्दी, मूली, अदरक, सूथनी आदि की दुकानें भी जगह-जगह लगी हुई हैं।

सजाए जा रहे हैं घाट
दिल्ली में यमुना के किनारे बड़ी संख्या में छठ व्रती शाम का अर्घ्य देने घाट पर पहुंचते हैं। इसे लेकर खास तैयारी चल रही है। छठ पूजा के लिए घाट पर लकड़ी की बाड़ लगाने के साथ ही जिस घाट पर सीमेंट की सीढ़ियां नहीं हैं वहां मिट्टी को ही काटकर सीढ़ियां बनाई जा रही हैं, ताकि यमुना के तट पर व्रत रखने वाली महिलाओं की पूजा करते समय किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों पर नजर रखने के लए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।
 

सूर्य देव की उपासना का पर्व

छठ पूजा सूर्य देव की उपासना का पर्व है। चार दिनों तक यह पर्व चलता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की खष्ठी को छठ पूजा अस्तांचल सूर्य को अर्घ्य देकर की जाती है। इस बार छठ महापर्व 31 अक्तूबर को नहाय-खाय से शुरू हो रहा है। 

पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, भगवान सूर्य को समर्पित इस पूजा में सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसे दुनिया के कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। व्रती दो दिनों तक निर्जला रहते हैं। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को यह व्रत आरंभ हो रहा है। दूसरे दिन खरना होगा। पूरे दिन व्रत करने के बाद शाम को व्रती प्रसाद ग्रहण करेंगे। इस दिन छठ पूजा का प्रसाद व्रती अपने हाथों से बनाएंगे। मुख्य प्रसाद ठेकुआ, टिकरी बनाया जाएगा। खष्ठी को व्रती अस्तांचल सूर्य को तालाब, नदी के घाट के किनारे अर्घ्य देंगे। सप्तमी को प्रात: सूर्योदय के समय अर्घ्य देंगे व विधिवत पूजा कर प्रसाद वितरित किया जाएगा।

शहरी कल्चर बढ़ा तो सीमेंट के छोटे तालाब में भी होने लगी पूजा
शहरी कल्चर बढ़ने के साथ राजधानी में छोटे-छोटे सीमेंटेड तालाब बन गए हैं। सोसाइटी, अपार्टमेंट, आवासीय परिसर में भी छोटे-छोटे तालाब बनाए गए हैं, जिन्हें नदी घाट की तरह सजाया जा रहा है।

यहां व्रती शाम को पानी में सूप लेकर खड़ी होंगी और अस्तांचल सूर्य को अर्घ्य देंगी। मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए सदस्य अमरेंद्र कुमार राकेश का कहना है कि इस आवासीय परिसर में लंबे समय से छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है।

यहां एक पोखर व्रतियों के लिए बनाया गया है। कृत्रिम तालाब के साथ वेदियां (सुसोप्ता) भी बनाया गया है। आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में व्रती इस घाट पर पूजा-अर्चना करती हैं। शाम को छठ मैया की आराधना के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।

घरों की छत पर भी पूजा-अर्चना
दिल्ली के कई इलाकों में व्रती यमुना किनारे छठ घाट पर नहीं पहुंचकर अपने घरों की छत पर हौज बनाकर उनमें पानी भरकर छोटे-छोटे समूहों में छठ पूजा करते हैं। कई इलाकों में छतों को भी केला के पत्ते से खासतौर पर सजाया गया है। प्लास्टिक व रबर के बड़े हौजनुमा ट्यूब भी इस मकसद से बाजार में बिक रहे हैं।

कुमुद चेचानी का कहना है कि सोसायटी के पार्क व छतों पर हाल के दिनों में ऐसे लोगों की संख्या काफी बढ़ी है जो नदी किनारे बने छठ घाट नहीं जाकर अपने घरों के छत पर ही सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा कर लेती हैं।

चार दिन की पूजा
-31 अक्तूबर को नहाय खाय के साथ पूजा शुरू होगी।
-1 नवंबर को खरना होगा।
-2 नवंबर को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
-3 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed