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Delhi: फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक सर्विस की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर ठगी, जालसाजों की पहचान में जुटी पुलिस

Tue, 10 Oct 2023 04:23 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 10 Oct 2023 04:23 AM IST
सार

ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। रोहिणी साइबर सेल ने पीड़ित के बयान पर ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस तकनीकी जांच कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

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Cheating on the pretext of giving franchise of Flipkart logistics service
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

रोहिणी इलाके में फ्लिपकार्ट के लॉजिस्टिक सर्विस ई कार्ट का फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। जालसाज ने पीड़ित से कई मदों में पैसे लिए। यहां तक कि कार्यालय का सत्यापन करने के लिए एक आरोपी साइट पर भी पहुंचा था। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने अपना फोन बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। रोहिणी साइबर सेल ने पीड़ित के बयान पर ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस तकनीकी जांच कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पीड़ित की पहचान शाहनवाज के रूप में हुई है।

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वह परिवार के साथ शहीद भगत सिंह नगर कराला में रहते हैं और अपना निजी काम करते हैं। साइबर सेल को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि मई 2022 में उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। उसने बताया कि फ्लिपकार्ट के लॉजिस्टिक सर्विस ई कार्ट के फ्रेंचाइजी का टेंडर निकला हुआ है। क्या आप इसका आवेदन करना चाहते है। हामी भरने पर उसने 1 जून को आवेदन पत्र भेजा। जिसको भरकर मेल पर भेजने के लिए कहा गया। उसके बाद उनके पास भारत कुमार भारद्वाज नाम के व्यक्ति का फोन आया। जिसने उन्हें काम करने की शर्त बताते हुए फ्रेंचाइजी के एवज में साढ़े 37 हजार रुपये बैंक खाते में डालने के लिए कहा। उसने बताया कि यह राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी।
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उसके बाद उसने कार्यालय निर्माण को लेकर बताया कि 60 फीसदी कंपनी पैसे देगी और 40 फीसदी उन्हें देना होगा। उसके बाद मुकेश डागर नाम का व्यक्ति उसके घर और कार्यालय साइट का सत्यापन करने आया। आरोपियों ने पहले भेजे गए पैसे के जीएसटी रसीद उन्हें भेजी। उसके बाद कार्यालय निर्माण में आने वाले खर्च का ब्यौरा भी भेजा। फिर पीड़ित ने उसके मुताबिक भारत कुमार भारद्वाज के बैंक खाते में 1.74 लाख रुपये डाल दिए। उसके बाद से आरोपियों ने उसके साथ संपर्क नहीं किया। जब उसने संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि आरोपियों ने फोन बंद कर दिया है।

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