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एनसीआर में फ्लैट देने के नाम पर 20 करोड़ की ठगी, महिला निदेशक गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पति फरार
Mon, 07 Dec 2020 03:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 07 Dec 2020 03:53 AM IST
सार
- गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित परियोजना में फ्लैट देने का दिया झांसा
- महिला का पति सीआरपीएफ का पूर्व अधिकारी है मास्टरमाइंड
- दो निदेशकों की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित परियोजना में फ्लैट देने के नाम पर निवेशकों से 20 करोड़ की ठगी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने सीआरपीएफ के पूर्व अधिकारी की पत्नी व कंपनी की महिला निदेशक को मुंबई से गिरफ्तार किया है। महिला वैल्यू इन्फ्राकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की निदेशक है और इस कंपनी पर फर्जीवाड़े के दर्जनों मामले दर्ज हैं। महिला का पति पूरे मामले का मास्टरमाइंड है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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आर्थिक अपराध शाखा ने संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि लोगों ने गाजियाबाद, राजनगर एक्सटेंशन स्थित विस्टा प्रोजेक्ट के तहत आवासीय फ्लैट बुक कराए थे। कंपनी ने निवेशकों ने समय पर फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन उन्हें न तो फ्लैट ही मिले और न ही पैसे ही वापस किए।
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इस पर निवेशकों ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत की। छानबीन के बाद वर्ष 2019 में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पता चला कि कंपनी ने आवासीय प्रोजेक्ट के लिए गाजियाबाद प्राधिकरण से कोई अनुमति नहीं ली थी।
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इसके अलावा निवेशकों से मिले पैसों को गलत तरीके से अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया। कंपनी का प्रमुख सीआरपीएफ का पूर्व अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह मामला दर्ज होने के बाद फरार हो गया। पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान महिला निदेशक के मुंबई में होने की जानकारी मिली।
पुलिस की एक टीम ने वहां दबिश देेकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में दो निदेशकों प्रवीण कुमार सिंह और आशीष वर्मा की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रमोद कुमार सिंह सहित अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। महिला निदेशक ने गोरखपुर से स्नातक की पढ़ाई की है। वह पति के साथ कंपनी के सभी बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थी।