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एक हजार किमी से ज्यादा दूर तक पीछा कर नेपाल से लूट के आरोपी पकड़े

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली    Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 01 Oct 2020 03:55 AM IST
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दिल्ली पुलिस ने राजौरी गार्डन में 25 सितंबर को हुई लूट की गुत्थी को सुलझा लिया। पुलिस टीम ने एक हजार किमी से भी दूर जाकर नेपाल से तीन आरोपियों मोहन (22), सुमित (19) और शिव (27) को गिरफ्तार कर लिया। नेपाल ब्यूरो (नेपाली वन विभाग की टीम) व नेपाली पुलिस की मदद से आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपी फिलहाल नेपाल पुलिस की हिरासत में है और दिल्ली लाने की प्रक्रिया चल रही है। 
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वहीं चौथे आरोपी विष्णु योगी (30) को दिल्ली से दबोचा। विष्णु गुरुग्राम में प्लेसमेंट एजेंसी चलाता है। चारों नेपाल के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास से लूटा गया 440 ग्राम सोना, दो किलो चांदी और जरूरी कागजात बरामद हुए। पीड़ित कारोबारी आशीष घई के यहां काम करने वाली घरेलू सहायिका भावना उर्फ बिंदू उर्फ भावेश्वरी (24) फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए भी नेपाल पुलिस के संपर्क में है।


वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजौरी गार्डन निवासी आशीष घई का आजाद मार्केट में टेक्सटाइल का कारोबार है। परिवार में दो बेटे व पत्नी कविता है। आठ दिन पहले आशीष ने घर का काम करने के लिए गुरुग्राम की एक प्लेसमेंट एजेंसी से भावना नामक महिला को रखा था। 25 सितंबर की शाम को आशीष और दोनों बेटे जब घर पहुंचे, तो कविता बेहोश मिली। 

जांच करने पर घर से सोने-चांदी के जेवरात, कैश और जरूरी कागजात गायब मिले। कविता को होश आया तो उसने बताया कि भावना ने चाय में मिलाकर कुछ दिया था, जिस पीने के बाद वह बेहोश हो गई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

बॉर्डर पिकेट पर आरोपियों की जानकारी देकर अलर्ट किया
पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। भावना की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को पता चला कि भावना के अलावा चार अन्य लोगों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया है। कॉल डिटेल से आरोपियों के नंबर मिल गए। उसके आधार पर पुलिस उनके फेसबुक अकाउंट तक पहुंच गई। वहां से आरोपियों का फोटो मिल गया। आरोपियों के मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया गया, तो उनकी लोकेशन नेपाल की मिली, लेकिन उनके मोबाइल रास्ते में बंद हो गए थे। दिल्ली पुलिस की एक टीम को नेपाल रवाना किया गया। पुलिस टीम इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित उत्तराखंड के बनवासा की ओर पहुंची। रास्ते में पड़ने वाले सभी बॉर्डर पिकेट पर आरोपियों की जानकारी देकर अलर्ट कर दिया गया।

गौरीफंटा बॉर्डर पर होने के संकेत मिलने के बाद दौड़ी टीम
आरोपियों की लोकेशन जानने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम ने गूगल लोकेशन की भी मदद ली। जांच के दौरान पता चला कि भावना का घर नेपाल बॉर्डर पर गौरीफंटा-लखीमपुर खीरी के पास है। फौरन टीम को उधर मोड़ दिया गया। वहां भी बॉर्डर पर पिकेट को अलर्ट कर दिया गया। पुलिस टीम बॉर्डर पर पहुंची, तो दो आरोपी मोहन और सुमित दिख गए। पुलिस को देखते ही वह जंगलों में भागे। पुलिस की टीम उनके पीछे भागी, लेकिन तब तक आरोपी नेपाल की सीमा में घुस गए। इस पर दिल्ली पुलिस ने नेपाल ब्यूरो से मदद मांगी। नेपाल ब्यूरो ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर सुमित और मोहन को दबोच लिया। वहीं नेपाल पुलिस की मदद से तीसरे आरोपी शिव को भी नेपाल से पकड़ लिया गया।

जहांगीरपुरी और यूपी के फैजाबाद में बनाए ठिकाने 
तीनों आरोपी मोहन, सुमित और शिव ने लूट की वारदात में अपना हाथ होने की बात कुबूल कर ली। इन्होंने बताया कि उनका साथी विष्णु गुरुग्राम में प्लेसमेंट एजेंसी चलाता है। इन लोगों ने जहांगीरपुरी और यूपी के फैजाबाद में अपने ठिकाने बनाए हुए हैं। पुलिस ने छापा मारकर फैजाबाद से कुछ कागजात और जहांगीरपुरी के मकान से दो किलो लूटी गई चांदी बरामद कर ली। तीनों से पूछताछ के बाद चौथे आरोपी विष्णु योगी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

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