चंद्रयान-2 के सफल लॉन्च पर कुमार विश्वास ने दी बधाई, 'स्वर्ग के सम्राट को खबर कर दो.. आ रहे हैं हम!'
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इसरो के महत्वाकांक्षी मून मिशन चंद्रयान- 2 ने दोपहर 2.43 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। चंद्रयान-2 की उड़ान को देखने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। ‘बाहुबली’ नाम से चर्चित जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट सामान्य तरीके से काम कर रहा है और इसके बाद से देश-विदेश से इस लॉन्च की सफलता के लिए बधाई संदेश आने शुरू हो गए हैं।
इसी के तहत कवि और आम आदमी पार्टी के बागी नेता कुमार विश्वास ने भी इसरो के वैज्ञानिकों को अपने ही अंदाज में बधाई दी है।
कुमार विश्वास ने लिखा है, टीम इसरो हमें आप पर गर्व है, “स्वर्ग के सम्राट को जाकर ख़बर कर दो, रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे है हम..!”
Here you go #Chandrayan2 👍🇮🇳 Proud of you, The Team #ISRO 😍
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“स्वर्ग के सम्राट को जाकर ख़बर कर दो,
रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे है हम..!”❤️ https://t.co/kZO0ciHRqD — Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) July 22, 2019
वहीं मनीष सिसोदिया ने भी चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो को बधाई दी। सिसोदिया ने लिखा, "यह हर भारतीय के लिए एक गर्व का क्षण है क्योंकि जीएसएलवीएमके3-एम1" ने चंद्रयान-2 का सफल प्रक्षेपण किया है। मैं इसरो को चंद्रयान-2 के सफलतम लॉन्च के लिए बधाई देता हूं जो चांद के अनछुए दक्षिणी ध्रुव को छुएगा। आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं।
A moment of pride for every Indian as GSLVMkIII-M1 successfully launches #Chandrayaan2 spacecraft
— Manish Sisodia (@msisodia) July 22, 2019
I congratulate ISRO for the successful launch of #Chandrayaan2 which is going to explore unchartered South Pole.
Wishing all the best to its journey ahead. pic.twitter.com/qMkv4Al1Ao
पहले इस मिशन को 15 जुलाई को लॉन्च किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर लॉन्च व्हीकल में तकनीकी खामी का पता चलने पर इसे टाल दिया गया था। इस मिशन को लेकर इसरो ने कई बदलाव भी किए हैं जिससे लॉन्चिंग में होने वाली देरी का प्रभाव नहीं होगा।
लॉन्चिंग की तारीख आगे बढ़ाने के बावजूद चंद्रयान-2 चंद्रमा पर तय तारीख 6-7 सितंबर को ही पहुंचेगा। इसे समय पर पहुंचाने का मकसद यही है कि लैंडर और रोवर तय कार्यक्रम के हिसाब से काम कर सकें। समय बचाने के लिए चंद्रयान पृथ्वी का एक चक्कर कम लगाएगा।
पहले 5 चक्कर लगाने थे, पर अब 4 चक्कर लगाएगा। इसकी लैंडिंग ऐसी जगह तय है, जहां सूरज की रोशनी ज्यादा है। रोशनी 21 सितंबर के बाद कम होनी शुरू होगी।