फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ch. Case registered on the complaint of Director-Principal of Brahmaprakash Ayurveda Charak Institute

सीबीपीएसीएस: कार्यालय अधीक्षक और अन्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप, डायरेक्टर-प्रिंसिपल की शिकायत पर मामला दर्ज

Tue, 19 Dec 2023 08:44 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 19 Dec 2023 08:44 AM IST
सार

कार्यालय अधीक्षक और अन्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो गया है। चौ. ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान के डायरेक्टर-प्रिंसिपल ने शिकायत की है। एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई गई हैं।

विज्ञापन
Ch. Case registered on the complaint of Director-Principal of Brahmaprakash Ayurveda Charak Institute
चौ. ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नजफगढ़ के खेड़ा डाबर स्थित चौ. ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान (सीबीपीएसीएस) में कार्यालय अधीक्षक व अन्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोध शाखा ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक राजेश तंवर ने एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों की भर्ती में अनियमितताएं बरती। 

विज्ञापन


भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के अलावा पीजी पाठ्यक्रमों के लिए फर्जी और जाली रिपोर्ट तैयार की गई। बाद में पाठ्यक्रमों के लिए की गई भर्ती प्रक्रिया की फाइलों को लिंक भी नहीं किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी पड़ताल की गई। कमेटी ने आरोपी सही पाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से मामले की शिकायत की। अब सीबीपीएसीएस के डायरेक्टर-प्रिंसिपल की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त और एसीबी प्रमुख मधुर वर्मा ने बताया कि 18 मार्च 2020 को सीबीपीएसीएस के डायरेक्टर-प्रिंसिपल प्रो. विदुला गुज्जरवर ने एक शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्यालय अधीक्षक राजेश तंवर ने एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती हैं। कार्यालय अधीक्षक ने न सिर्फ पीजी पाठ्यक्रमों के लिए फर्जी और जाली रिपोर्ट बनाई, बल्कि पीजी पाठ्यक्रमों के लिए भर्ती की फाइलों को लिंक भी नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि राजेश तंवर ने दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। पूरी प्रक्रिया के दौरान जांच में कई विसंगतियां पाई गईं। अधीक्षक ने मानदंडों का पालन किए बिना सीबीपीएसीएस में अतिरिक्त रिक्तियां बनाई और एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए डॉ. आलोक कुमार अस्थाना और डॉ. मुकेश कुमार शर्मा को गलत तरीके से भर्ती करा दिया।


दोनों के पास इन पदों के लिए आवश्यक योग्यता नहीं थी। भर्ती प्रक्रिया की जांच समिति ने पहले उन्हें अयोग्य करार दिया था। इसके बाद राजेश तंवर के दखल के बाद दूसरी जांच समिति ने दोनों को पदों के लिए उपयुक्त करार देकर साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया। इसके बाद दोनों का चयन कर उनको विभाग में तैनात कर दिया गया। गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जांच कमेटी ने राजेश तंवर व अन्यों को इस पूरे मामले में आरोपी पाया। इसके बाद एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed