बच्चे की मौत व दंपति की खुदकुशी के मामले में आफत में अस्पताल
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डेंगू से सात वर्षीय बच्चे की मौत और बच्चे के माता-पिता की खुदकुशी के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार हरकत में आ गई है। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे दुखद घटना बताया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा।
उधर, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी मूलचंद और साकेत स्थित मैक्स अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। देर शाम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट में कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार के नोटिस में कहा गया है कि मीडिया व पुलिस रिपोर्ट के अनुसार पिछले दिनों लाडो सराय निवासी लक्ष्मीचंद्र और बबीता राउत अपने सात साल के बेटे अविनाश को डेंगू से पीड़ित होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराने ले गए थे।
बच्चे की मौत के बाद की थी खुदकुशी
डेंगू पीड़ित बच्चे को दोनों अस्पतालों ने बिस्तर नहीं होने की बात कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके कारण बच्चे की मौत हो गई। मौत के बाद आहत माता-पिता ने भी खुदकुशी कर ली।
स्वास्थ्य मंत्री ने मैक्स व मूलचंद अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक से पूछा है कि जब दिल्ली सरकार ने 28 अगस्त को साफ तौर पर आदेश दिया था कि डेंगू के मरीजों को अस्पताल में बेड की कमी का हवाला देकर नहीं लौटाए।
बावजूद अस्पताल ने ऐसा क्यों किया? नोटिस में दिल्ली सरकार ने दिल्ली नर्सरी होम रजिस्ट्रेशन एक्ट 1953 का हवाला देकर कहा है कि क्यों ना रजिस्ट्रेशन ही रद्द कर दिया जाए।
दिल्ली सरकार ने इसके अलावा भी डेंगू पीड़ित मरीजों को भर्ती करने से इनकार करने वाले साकेत स्थित सिटी अस्पताल, मालवीय नगर स्थित आकाश अस्पताल और कालकाजी के आइरेनी अस्पताल को भी नोटिस जारी किया है।