उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही केंद्र सरकार: सरदार वीएम सिंह
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा की केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई किसान संगठनों की बैठक में उत्तर प्रदेश के किसानों को नहीं बुलाया गया। इससे पता चलाता है की सरकार यूपी के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए वीएम सिंह ने कहा कि सरकार किसानों और उनके संगठनों में फूट डालने में लगी है। किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन का आह्वान उन्होंने किया था, लेकिन उनके संगठन को ही बैठक में नहीं बुलाया गया,जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के आदेश के बाद उनका संगठन बुराड़ी के मैदान में एकत्र होकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन सरकार ने उनके संगठन की कोई सुध नहीं ली।
सरदार वीएम सिंह ने कहा कि पूरे देश में गन्ने की सबसे ज्यादा पैदावार उत्तर प्रदेश में होती है। यहां किसानों की अपनी समस्याएं हैं। मिल मालिक किसानों को पैसा नहीं दे रहे है। जब सारे देश के किसानों की एक ही मांग है तो सरकार सभी से बात क्यों नहीं कर रही है। किसानों में इस प्रकार से फूट डालकर सरकार इस विरोध प्रदर्शन को कमजोर करना चाहती है।
मार्च में करेंगे बड़ा प्रदर्शन
किसान नेता ने कहा कि सरकार की अपील के कारण और कोरोना महामारी से लोगों के बचाव के लिए उनके संगठन ने ज्यादा तादाद में किसानों को एकत्र नहीं किया। अगर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों की क्षमता ही देखनी है तो उनका संगठन मार्च में बड़ा प्रदर्शन करेगा। इसके बाद ही सरकार पर दबाव बढ़ेगा और राष्ट्रीय स्तर पर किसानों आंदोलन की बात सुनेगी। इसे मौके पर जनधिकार पार्टी (जॉप) प्रमुख पप्पू यादव भी किसानों को अपना समर्थन देने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। इस दौरान पप्पू यादव ने हाल में केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये कृषि बिलों को किसान विरोधी करार दिया। पप्पू यादव ने कहा कि किसानों को समर्थन देने की बात नहीं है। हम किसानों के लिये जान देने भी आये हैं। पप्पू यादव ने कहा कि जान लेने वाले लोगों के खिलाफ जान देना भी पड़ेगा।