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अरावली में कैमरे से होगी तेदुओं की हरकत पर निगाहबानी
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Thu, 13 Jul 2017 06:24 PM IST
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अरावली में तेंदुए समेत अन्य जंगली जानवरों पर अब कैमरे से निगाहबानी की जाएगी। वन विभाग छह जिलों में फैले अरावली क्षेत्र में जगह-जगह कैमरे लगाएगा। जिससे तेंदुए समेत अन्य जीवों की गतिविधियों पर नजर रख सके।
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साथ ही अरावली क्षेत्र से आबादी के बीच आने के कारण की भी जानकारी मिल सके। इसके लिए विभाग की ओर से 40 कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव वन मंत्रालय को भेजा है।
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दरअसल, अरावली के जंगलों में तेंदुए समेत कई जानवर हैं। देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) द्वारा हाल ही में किए अध्ययन में साफ हो गया है कि यहां 32 तेंदुए और अन्य जीव हैं।
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हाल ही में तेंदुए के आबादी क्षेत्र में घुसने से वन विभाग चिंतित है। ऐसे में अब वन विभाग ने उन जानवरों पर नजर रखने के लिए योजना तैयार की है। इसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, मेवात, नारनौल को प्रमुखता से शामिल किया है।
विभाग ने डब्ल्यूआईआई के अध्ययन की मदद से तेंदुएं व अन्य जीवों के रिहायश स्थान को चिह्नित किया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैमरे की मदद से उन पर नजर रखने के साथ उनकी गतिविधियों का अध्ययन भी किया जाएगा।
यह देखा जाएगा कि रिहायशी क्षेत्र में जानवर क्यों जा रहे हैं? वहां खाने के लिए क्या इंतजाम हैं? किस सीजन में जानवरों को अधिक तकलीफ हो रही है? इन सब पहलू पर कैमरे के जरिये लगातार निगरानी की जाएगी।
कई चरणों में होगा काम
प्रस्ताव के मुताबिक वन विभाग कई चरणों में काम करेगा। तीन वर्ष के अंदर अरावली के अंदर 100 से अधिक कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में 40 स्थानों पर यह लगाया जाना है। इससे विभागीय अधिकारियों को वन एवं वन्य जीव संरक्षण के लिए बुनियादी जानकारी मिलने के बाद योजना बनाकर लागू किया जा सकता है। वन्य जीवों के संरक्षण में मदद मिलेगी।
सर्वे के आधार पर लगेंगे कैमरे
वन विभाग कैमरे लगाने का स्थान लाइन ट्रांजिट और साइन सर्वे के आधार पर तय करेगा। इसके लिए वन विभाग डब्ल्यूआईआई के रिपोर्ट से मदद लेगा। डब्ल्यूआईआई ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के नारनौल वाले क्षेत्र के 12 गांव चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों के जंगल क्षेत्र में 51 स्थान तय हुए हैं, जहां पर कैमरे लगाए जा सकते हैं।
एमडी सिन्हा, वन संरक्षक (दक्षिण सर्कल), वन विभाग: विभाग की ओर से कैमरे लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।