{"_id":"6328d510d1a2f74fbe15f3c5","slug":"cbse-released-10th-and-12th-sample-papers","type":"story","status":"publish","title_hn":"रटने की प्रवृत्ति पर लगेगी लगाम: CBSE ने 10वीं व 12वीं के सैंपल पेपर किए जारी, बदले हुए पैटर्न पर हुए तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रटने की प्रवृत्ति पर लगेगी लगाम: CBSE ने 10वीं व 12वीं के सैंपल पेपर किए जारी, बदले हुए पैटर्न पर हुए तैयार
Tue, 20 Sep 2022 02:16 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 20 Sep 2022 02:16 AM IST
सार
बोर्ड ने वर्ष 2022-23 के लिए परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया था। इसकी घोषणा पहले ही की जा चुकी है। ऐसे में दसवीं की परीक्षा में समझ आधारित सवालों की संख्या 40 फीसदी और बारहवीं में ऐेसे सवालों की संख्या 30 फीसदी रहेगी।
विज्ञापन
CBSE
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा 2023 के लिए बदले हुए पैटर्न के आधार पर सैंपल जारी कर दिए हैं। इनमें परीक्षा के पैटर्न और मार्किंग स्कीम आदि के बारे में जानकारी दी गई है। परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए सैंपल पेपर को वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। छात्र अपनी तैयारी के लिए इन्हें बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
विज्ञापन
बोर्ड ने वर्ष 2022-23 के लिए परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया था। इसकी घोषणा पहले ही की जा चुकी है। ऐसे में दसवीं की परीक्षा में समझ आधारित सवालों की संख्या 40 फीसदी और बारहवीं में ऐेसे सवालों की संख्या 30 फीसदी रहेगी। दसवीं में 20 फीसदी प्रश्न वस्तुनिष्ठ, और 40 फीसदी लघु स्तरीय प्रश्न होंगे। जबकि बारहवीं में 50 फीसदी लघु एवं दीर्घ उत्तर, 30 फीसदी समझ आधारित और 20 फीसदी वस्तुनिष्ठ होंगे। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों में रटने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी। इसी पैटर्न के आधार पर सैंपल पेपर तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के कारण दो साल तक परीक्षाएं सामान्य तरीकेसे नहीं हो सकी थी। कोविड महामारी का प्रभाव कम होने के कारण बोर्ड की ओर से 15 फरवरीं से परीक्षाएं आयोजित किए जाने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। बोर्ड का मानना है कि सैंपल पेपर की मदद से छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलेगी। पहले से उपलब्ध होने से छात्रों को प्रश्न पत्र का पैटर्न क्या है और उसे कैसे हल करना है, इसका अनुमान लग जाएगा। चूंकि अभी छात्रों केपास पांच माह से अधिक का समय है ऐसे में इन सैंपल पेपर से तैयारी उनकेलिए लाभप्रद हो सकती है।
विज्ञापन