CBSE पेपर लीकः संदिग्ध आरोपी विक्की गिरफ्तार, पुलिस बोली पैसों की बात सामने नहीं आई
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध आरोपी विक्की की गिरफ्तारी की है। वह दिल्ली के राजेंद्र नगर का रहने वाला बताया जा रहा है। विक्की के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम अलग-अलग कॉन्वेंट स्कूलों के 10 छात्रों से पूछताछ करेगी।
वहीं मामले की जांच कर रहे वहीं इस मामले की जांच कर रहे स्पेशल सीपी आरपी उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने दो केस रजिस्टर किया है और स्पेशल जांच दल(एसआईटी) बनाई गई है। अब तक कुल 25 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। दोनों ही पेपर व्हॉट्सऐप पर लीक हुए थे। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
2 cases registered&special investigation team (SIT) has been formed for investigation. Total 25 people have been questioned so far. Both the papers were leaked on WhatsApp a day before the exam. No person has been arrested so far:RP Upadhyay, Special CP, Delhi on #CBSEPaperLeaked pic.twitter.com/dOtfKK7ptR
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 29, 2018
विक्की एक कोचिंग सेंटर भी चलाता है। पुलिस इससे पूछताछ कर रही है। यह शख्स राजेंद्र नगर में विद्या नाम का कोचिंग सेंटर चलाता था। विक्की बच्चों को इकोनॉमिक्स और मैथ्स विषय ही पढ़ाता था। वहीं विक्की के कोचिंग के बाहर उसके समर्थन में अभिभावक और छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि उन्हें आरोपी ना कहें। उन्होंने बच्चों को पढ़ाने की वजह से अपनी वोकल कॉर्ड(स्वर तंत्री) भी खराब कर ली है। बच्चों ने बताया कि विक्की तेज आवाज में बोलना भी मना है। वो रात-दिन एक कर बच्चों को पढ़ाते थे।
मालूम हो कि इन्हीं विषयों का पेपर भी लीक हुआ है। पुलिस इस वक्त विक्की से पूछताछ कर रही है कि क्या उसी ने वॉट्सऐप पर पेपर लीक किया और आखिर उसे पेपर मिला कहां से?
छात्र कर रहे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
वहीं पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का तो ये भी कहना है कि अंग्रेजी का पेपर छोड़कर सभी पेपर लीक हुए हैं। उनके पास परीक्षा से एक दिन पहले फोन आता था कि 2000 रुपए में पेपर मिल रहे हैं चाहिए तो पैसे तैयार रखें। वहीं कुछ ने तो ये भी आरोप लगाया कि पेपर तो 50 हजार रुपए में बेचे गए हैं।
इस पूरे मामले से वह छात्र बहुत निराश हैं जिन्होंने अपने आप पढ़ाई की और ईमानदारी से पेपर दिया। उनका कहना है कि उन्हेंं न्याय चाहिए और वो दोबारा पेपर देने के लिए तैयार नहीं है।
Delhi: Students protest at Jantar Mantar against #CBSEPaperLeak, say 'either there should re-examinations of all subjects or else of neither'. Raise 'we want justice' slogans pic.twitter.com/iymbkfavDe
— ANI (@ANI) March 29, 2018
सीबीएसई चेयरपर्सन को एक दिन पहले ही मिल गई थी लीक पेपर की कॉपी
सीबीएसई पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया जिससे पता चलता है कि बुधवार को हुए 10वीं के मैथ्स पेपर की लीक कॉपी पहले ही इसकी चेयरपर्सन अनीता करवाल के पास मंगलवार को ही पहुंच गई थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार एचआरडी मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, सीबीएसई की चेयरपर्सन को लीक पेपर की कॉपी भेजना उन लोगों का काम लगता है जो 'पकड़ सको तो पकड़ के दिखाओ' की मंशा रखते हैं। ऐसा भी हो सकता है ये किसी एक शख्स ने इसलिए भेज दिया हो ताकि वो सीबीएसई को पेपर लीक के बारे में अवगत करा सकें, ताकि उपयुक्त कदम उठाया जा सके।
लेकिन इस पूरे मामले में जिस तत्परता से सीबीएसई को काम करना चाहिए था उन्होंने नहीं किया और बच्चों को दोबारा परीक्षा में धकेल दिया।