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Delhi: CBSE बोर्ड परीक्षा का आगाज, 12वीं के हिंदी और 10वीं के संस्कृत विषय के सरल पेपर से छात्र खुश
Tue, 20 Feb 2024 04:53 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 20 Feb 2024 04:53 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बारहवीं कक्षा के हिंदी विषय व दसवीं कक्षा के संस्कृत विषय के पेपर के साथ मुख्य विषयों की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई। पहले मुख्य पेपर के आसान व संतुलित होने से छात्रों के लिए परीक्षाओं का आगाज अच्छा हुआ। अधिकतर छात्रों को प्रश्न पत्र हल करने में परेशानी नहीं हुई। सभी प्रश्न पाठ्यक्रम में से ही पूछे गए थे।
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सोमवार को बारहवीं का हिंदी इलेक्टिव व हिंदी कोर का पेपर हुआ। जबकि दसवीं कक्षा का संस्कृत का पेपर हुआ। हिंदी भाषा का प्रश्न पत्र लगभग सभी छात्रों के लिए आसान रहा। औसत से कम अंक लाने वाले छात्रों ने भी इसे आसानी से हल कर दिया। परीक्षा सेंटर से निकली बारहवीं की छात्रा निकिता ने कहा कि पेपर काफी सरल व संतुलित था। इसे हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
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एक अन्य छात्रा प्रियंका ने कहा कि प्रश्न पत्र की भाषा का स्तर भी काफी अच्छा था इस कारण पेपर समय से पूरा हो गया। कुछ भी पाठ्यक्रम के बाहर से नहीं पूछा गया। प्रश्न पत्र में छोटी-छोटी वर्तनी की गलतियां देखने को मिली।
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बारहवीं की हिंदी विषय की शिक्षिका निधि मिश्रा व राधिका ने बताया कि प्रश्न पत्र का स्तर सामान्य रहा। हिंदी (इलेक्टिव) परीक्षा के प्रश्न पत्र का जो स्तर होना चाहिए वह कम था। रचनात्मक लेख में सरल शीर्षक दिए गए जिसे प्रत्येक छात्र करने में सफल रहे। प्रश्न पत्र में कहीं-कहीं अशुद्ध वर्तनियां पाई गई, जैसे इंटरनेट को इण्टरनेट व उल्टा की जगह उलटा लिखा हुआ था। प्रश्न पत्र में हिंदी पाठ्यपुस्तकों के सभी पाठों के प्रश्नों का समावेश किया गया। प्रश्न पत्र में वस्तुपरक और वर्णनात्मक दोनों ही प्रकार के प्रश्न पूछे गए। काव्यांश अति सूक्ष्म था। प्रश्न पत्र की भाषा शैली सरल एवं सहज थी।
संस्कृत के पेपर में वस्तुनिष्ठ प्रश्न ज्यादा थे
संस्कृत क शिक्षिका नीलम झा ने बताया कि संस्कृत विषय का प्रश्न पत्र काफी आसान रहा। बच्चों को प्रश्न पत्र काफी सरल लगा। छात्रों ने इसे समय से पूरा कर लिया। प्रश्न पत्र में वस्तुनिष्ठ प्रश्न ज्यादा थे। श्लोक का हिंदी अनुवाद व प्रश्न पत्र को थोड़ा कठिन भाषा में बनाना चाहिए था। शिक्षक मानकर चल रहे हैं कि दोनों ही विषयों के प्रश्न पत्र में छात्र अच्छा स्कोर कर सकते हैं।