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सीबीआई का विवि गेस्ट हाउस में डेरा, NHM घोटाले में हो सकती है और भी गिरफ्तारी
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:46 AM IST
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सीबीआई
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के बाद अब नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) में भी कुछ और चिकित्सकों की गिरफ्तारी हो सकती है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) गाजियाबाद की दो टीमें चार दिनों से जिले में डेरा डाले है।
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गोपनीय तौर पर स्वास्थ्य विभाग का रिकॉर्ड खंगालाजा रहा है। सीबीआई की दोनों टीमें अलग-अलग मिशन पर हैं। एक टीम एनएचएम की जांच कर रही है, तो दूसरी आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में एक ग्रुप के खिलाफ छानबीन कर रही है।
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ऐसे में संभव है कि सीबीआई की तरफ से जिले में स्वास्थ्य विभाग और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। सीबीआई टीमों की तरफ से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कमरे बुक कराये गए हैं। चार दिनों से दोनों टीम यहीं डेरा डाले हुए हैं।
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सूत्रों ने बताया है कि सीबीआई टीम ने सीएमओ कार्यालय से बीते सात वर्षों के दौरान खरीदी गई दवाओं व अन्य सामान की खरीद का रिकॉर्ड मांगा है।साथ ही उन कंपनियों की भी लिस्ट मांगी है, जिनसे इन वर्षों के दौरान दवायें व सामान खरीदा गया।
सीबीआई को अंदेशा है कि साल दर साल स्वास्थ्य विभाग उन्हीं एक ही कंपनी से दवा व सामान खरीदता चला आ रहा है। अगर कुछ कंपनियां अलग हैं तो रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि कंपनियां एक ही पते पर संचालित हैं। बस उनका नाम बदला है। कुछ कंपनियां ऐसीभी हैं, जिनको संचालित करने वाले बोर्ड में भी वही लोग शामिल हैं जो दूसरी कंपनी में भी है।
सूत्रों का कहना है कि रिकॉर्ड खंगालने पर सीबीआई को पता चल सकता है कि स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे फर्मों से करोड़ों रुपये का सामान खरीदा है जो सेल्स टैक्स विभाग में पंजीकृत नहीं है और टेंडर की टेक्निकल शर्तों को भी पूरा नहीं करती थी।
लेकिन फिर भी उन्हें टेंडर जारी किया गया। ऐसे में सूत्रों का दावा है कि टेंडर जारी करने वाले अधिकारियों से लेकर उन फर्मों के मालिकों पर एक साथ सीबीआई कार्रवाई करेगी, जो इन्हें संचालित कर रही हैं।
बैंकों से भी मांगी गई जानकारी
सीबीआई ने कुछ बैंकों से भी जानकारी मांगी है। बृहस्पतिवार को शहर के कुछ प्रमुख बैंकों से टीम ने संपर्क किया। उन्हें एकाउंट नंबर देते हुए बैंक खातों
से होने वाले लेनदेन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है।
ऐसे में सीबीआई स्वास्थ्य विभाग से लेकर आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में एक साथ कार्रवाई कर सकती है। वहीं, बुधवार को सीबीआई के एक इंस्पेक्टर ने सीएमओ कार्यालय में संपर्क कर कुछ रिकॉर्ड मांगा था। जिसको स्वास्थ्य विभाग का एकाउंट सेक्शन देने से मना करता रहा। लेकिन बाद में कुछ जानकारी मुहैया करा दी गई।