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घर खरीदने से पहले रखें इन बातों का खयाल
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 20 Jun 2014 09:08 AM IST
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नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए फ्लैट और काटे गए प्लॉट दोनों सस्ते मिलते हैं। इसलिए अगर आप शहर में आशियाना लेने जा रहे हैं तो सतर्कता जरूर बरतें। वरना लेने के देने पड़ सकते हैं। मुंबई की कैंपा कोला सोसाइटी की हालत देखकर यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।
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इस समय शहर में सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत से बिल्डर बेलगाम हो रहे हैं। हर ओर बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर निर्माण हो रहे हैं। एनएच-एक, दो, तीन और पांच में कुकुरमुत्ते की तरह फ्लैट उग आए हैं, जो देखने में तो अच्छे लग रहे हैं लेकिन इनकी खरीदारी कई पहलुओं से जांच के बाद ही करें तो बेहतर होगा।
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नगर निगम के पूर्व सलाहकार केएल गेरा के मुताबिक, एनआईटी में बन रहे अधिकांश फ्लैट अवैध हैं। इनका नक्शा पास नहीं है। किसी के पास कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं है तो किसी ने निर्धारित मानक से अधिक ऊंचाई तक निर्माण कर लिया है।
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कुछ जगहों पर तो पार्किंग की जगह कब्जा कर फ्लैट बना दिए गए हैं। ऐसे निर्माणों पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि अवैध निर्माणों के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं डली हुई हैं।
फ्लैट खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान:
1-नगर निगम या टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग से अप्रूव्ड नक्शे की कॉपी मांगें।
2-बिल्डर से कंप्लीशन (आक्युपेशन) सर्टिफिकेट की मांग जरूर करें।
3-जहां फ्लैट खरीद रहे हैं वहां फ्लोर वाइज बेचने की अनुमति है या नहीं।
4-सीवर और पानी का वैध कनेक्शन मिला है या नहीं।
5-फ्लैट के बाहर पार्किंग के लिए क्या इंतजाम है, इसका लिखित लें।
ऊंचाई का ख्याल रहे:
-अगर कोई स्टिल्ड पार्किंग बना रहा है तो उसकी बिल्डिंग की ऊंचाई पुराने शहर में 13 मीटर निर्धारित है। इससे ऊंचाई वाला निर्माण अवैध हो सकता है। बिना स्टिल्ड पार्किंग वाली बिल्डिंग कानूनन 11.5 मीटर से ऊंची नहीं हो सकती।
-ग्रेटर फरीदाबाद में 1.75 फीसदी एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) निर्धारित है। यहां सामान्य तौर पर 30 मीटर ऊंची सोसायटी हो सकती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनुमति लेकर 55 मीटर ऊंचाई की जा सकती है। इसके ऊपर विशेष अनुमति जरूरी है। (नगर निगम के पूर्व मुख्य नगर योजनाकार एससी कुश के मुताबिक)
प्लॉट खरीद में भी जरूरी है सावधानी
-कई कॉलोनाइजर दिल्ली के आसपास, ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी एवं बल्लभगढ़ क्षेत्र के गांवों में अवैध रूप से कॉलोनी काटकर बेच रहे हैं। यहां पर जमीन खरीदना भारी पड़ सकता है। सस्ते के चक्कर में पड़कर जीवनभर की जमा पूंजी न गवाएं।
यहां हुई कार्रवाई
-पिछले दिनों ग्रीनफील्ड क्षेत्र में कुछ फ्लैट सील किए गए।
-सैनिक कॉलोनी में स्टिल्ड पार्किंग की जगह पर बने 123 फ्लैट सील किए गए।
-जिला नगर योजनाकर-तोड़फोड़ की टीम हर सप्ताह ऐसी कॉलोनियां तोड़ रही हैं।
बिल्डरों का नया ट्रेंड, जाम और पार्किंग का झमेला
-एनआईटी क्षेत्र में इन दिनों बिल्डरों का नया ट्रेंड है। यहां पर जमीन बची नहीं है। इसलिए वे ऐसे लोगों से संपर्क करते हैं, जिनके पुराने मकान हैं। उस पर तीन से चार फ्लोर का फ्लैट बनाते हैं। एक-दो फ्लैट खुद लेते हैं और एक-दो मालिक को देते हैं। एक की जगह चार फ्लोर बन गए। इस वजह से पूरे एनआईटी क्षेत्र में पार्किंग और जाम बड़ी समस्या बन गई हैं।