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Delhi NCR News: कैट का दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन शुरू
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन शुक्रवार को हिंदी भवन में शुरू हुआ। इसमें देशभर से 300 से अधिक महिला उद्यमी हिस्सा ले रही हैं। सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि कार्यक्रम में महिला आरक्षण विधेयक और नारी शक्ति वंदन अधिनियम सहित महिला सशक्तिकरण के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इस दौरान महिला उद्यमियों ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक केवल संसद और विधानसभाओं में सीटों के आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकता है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीति निर्माण अधिक संतुलित और संवेदनशील होगा। सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया कि राजनीतिक सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और प्रभावशीलता में सुधार आने की उम्मीद जताई गई। सम्मेलन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।
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नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन शुक्रवार को हिंदी भवन में शुरू हुआ। इसमें देशभर से 300 से अधिक महिला उद्यमी हिस्सा ले रही हैं। सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि कार्यक्रम में महिला आरक्षण विधेयक और नारी शक्ति वंदन अधिनियम सहित महिला सशक्तिकरण के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इस दौरान महिला उद्यमियों ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक केवल संसद और विधानसभाओं में सीटों के आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकता है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीति निर्माण अधिक संतुलित और संवेदनशील होगा। सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया कि राजनीतिक सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और प्रभावशीलता में सुधार आने की उम्मीद जताई गई। सम्मेलन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।
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