{"_id":"57794a914f1c1b6e697f9d6c","slug":"cats-ambulance-will-better-comfort-on-the-road-then-take-the-penalty-not-given-way","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस को रास्ता नहीं दिया तो लगेगा 2 हजार जुर्माना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस को रास्ता नहीं दिया तो लगेगा 2 हजार जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Jul 2016 05:06 AM IST
विज्ञापन
कैंट्स एंबुलेंस को हरी झंडी देते सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी की सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम के चलते एंबुलेंस को रास्ता न मिलने के कारण कई मरीज दम तोड़ देते हैं। लेकिन अब यदि दिल्ली में एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिला तो आगे चलने वाले वाहन चालक को दो हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
विज्ञापन
यह कहना है दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का। कनॉट प्लेस में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में सिसोदिया ने कैट्स की 55 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विज्ञापन
इस एंबुलेंस में मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी। बेड़े में 110 एंबुलेंस जोड़ी जानी है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने मोबाइल एप 102 भी लांच किया।
विज्ञापन
एप से एंबुलेंस का पहुंचना बनेगा आसान
कैंट्स एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
इस एप से यदि कोई एंबुलेंस के लिए कॉल करता है तो मरीज की लोकेशन सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम को मिल जाएगी, जिससे वहां पहुंचना आसान होगा। इनमें से दस एंबुलेंस ऐसी होंगी, जिनमें वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा शकरपुर में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम का भीउद्घाटन किया गया।
इस कंट्रोल रूम से एंबुलेंस की निगरानी भी की जाएगी। एंबुलेंस में इसके लिए कैमरे लगाए गए हैं। सभी एंबुलेंस में मोबाइल टैबलेट भी होगा, ताकि सहायक कर्मी मरीज की फोटो समेत उसकी हालत की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को पहुंचा दे।
खास बात यह है इस एंबुलेंस में काम करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को नेशनल स्किल डेवलेपमेंट काउंसिल की ओर से इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन बेसिक की ट्रेनिंग भी दी गई है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव केके शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इस कंट्रोल रूम से एंबुलेंस की निगरानी भी की जाएगी। एंबुलेंस में इसके लिए कैमरे लगाए गए हैं। सभी एंबुलेंस में मोबाइल टैबलेट भी होगा, ताकि सहायक कर्मी मरीज की फोटो समेत उसकी हालत की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को पहुंचा दे।
खास बात यह है इस एंबुलेंस में काम करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को नेशनल स्किल डेवलेपमेंट काउंसिल की ओर से इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन बेसिक की ट्रेनिंग भी दी गई है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव केके शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।