पॉश इलाके में चल रहे शर्मनाक खेल का खुला राज
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डीएलएफ एरिया में हुए कैसिनो (जुआखाना) के भंडाफोड़ के बाद कई राज सामने आ रहे है। पॉश एरिया में चलाए जा रहे करोड़ों के कैसिनो को संचालकों ने मिनी काठमांडू की शक्ल दे रखी थी।
यहां ताश के पत्तों से लेकर कैसिनो टेबल तक नेपाल से मंगाई गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कैसिनो को शुरू करने से पहले तीनों संचालकों ने मिलकर इसकी डिजाइन के लिए एक करोड़ रूपये खर्च किए थे।
साइबरसिटी के डीएलएफ फेज दो स्थित एल-2/27 में रविवार अलसुबह गुड़गांव पुलिस के ऑपरेशन के बाद यहां एक हाईप्रोफाइल कैसिनो का भंडाफोड़ किया गया था। पुलिस ने यहां छापेमारी करते हुए 20.40 लाख रुपये नकदी के साथ 43 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पॉश एरिया में चलाए जा रहे हाई प्रोफाइल कैसिनो के खुलासे के बाद पुलिस भी सकते में आ गई। पकड़े गए आरोपियों में दिल्ली-एनसीआर के कई बिजनेसमैन और शेयर ब्रोकर्स के नाम सामने आने के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही है।
नेपाली युवक-युवतियां करते थे काम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जिस तीन मंजिल बिल्डिंग में इस करोड़ों के कैसिनो को संचालन किया जा रहा था। इसे 10 नवंबर को ही तीन लाख रुपये प्रतिमाह की दर पर किराये पर लिया गया था।
किंग क्लब नाम से शुरू किए गए इस कैसिनो को पूरी तरह नेपाली कैसिनो की शक्ल दी गई। आरोपी नरेश के मुताबिक नेपाल के काठमांडू से कैसिनो के लिए एक करोड़ की कीमत पर ताश की गड्डी से लेकर कैसिनो टेबल, कैश काउंटर और पॉकर्स मंगाए गए।
कैसिनो में काम के लिए भी पांच नेपाली युवतियों के अलावा आठ युवकों को 20 हजार रुपये की सैलरी पर तीन साल के कांट्रेक्ट पर रखा गया था।
सूत्रों के मुताबिक एक महीने से चल रहे इस कैसिनो में अबतक 12 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हो चुका है। पुलिस उसी आधार पर जांच में जुट गई है।
व्हाट्स एप से चलती थी प्लानिंग
इस पूरे गोरखधंधे को व्हॉट्स के माध्यम से चलाया जा रहा था। पुलिस को मिली एक डायरी में दिल्ली-एनसीआर के 56 लोगों के नाम मिले है। इनके लिए एक व्हॉट्स ग्रुप बनाया गया था जिस पर शनिवार को डिटेल अपडेट की जाती। उसी आधार पर सभी यहां इकट्ठा होते।
रमेश पाल, एसीपी डीएलएफ
कैसिनो में जो भी सामान मिला है उसमे ज्यादातार नेपाल का है। जांच में सामने आया है कि आरोपी संचालक ने नेपाली कैसिनो के रूप में इसकी शक्ल दे रखी थी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।