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Delhi: दिल्ली दंगों के छह आरोपियों के खिलाफ चलेगा मुकदमा, एलजी ने दी मंजूरी, 2020 में हुई थी राजधानी में हिंसा

Sun, 06 Aug 2023 05:40 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 06 Aug 2023 05:40 PM IST
सार

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि नागरिकता संशोधन विधेयक का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की आड़ में गहरी साजिश रची गई। इसी दौरान दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में दंगे हुए।

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Case will be run against six accused of Delhi riots
वीके सक्सेना, उपराज्यपाल दिल्ली। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

साल 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के एक मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आरोपी छह लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत गोली लगने से हो गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि नागरिकता संशोधन विधेयक का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की आड़ में गहरी साजिश रची गई। इसी दौरान दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में दंगे हुए। जिसमें 24 फरवरी 2020 को गोली लगने से गली नंबर 17, न्यू मुस्तफाबाद निवासी 25 वर्षीय शाहिद उर्फ अल्लाह मेहर की मौत हो गई।

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इस मामले में पुलिस स्टेशन दयालपुर में एक मार्च को एफआईआर संख्या 84/2020 दर्ज की। इसी मामले में उपराज्यपाल ने अभियोजन की मंजूरी दी। भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए और 505 के तहत दंडनीय अपराध के तहत मोहम्मद फिरोज, चांद मोहम्मद, रईस खान, मोहम्मद जुनैद, इरशाद और अकील अहमद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

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जांच के दौरान छह गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दंगों में शामिल थे। ये सप्तर्षि इस्पात एंड अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड की इमारत में जबरदस्ती घुसे और फर्म के कार्यालय को लूटा। इस दौरान पीड़ित को 24 फरवरी को चांद बाग मजार के पास 25 फुटा चांद बाग, मुख्य वजीराबाद रोड दिल्ली के सर्विस रोड पर स्थित कंपनी की छत पर गोली थी।

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मामले की जांच अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दी गई जिसने गवाहों से पूछताछ की और एक टीवी चैनल के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सहित एकत्र किए गए सबूतों का विश्लेषण किया। नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर हुए दंगों के मामलों की जांच से पता चला है कि इसके कुछ समय पहले, साजिशकर्ता मुस्लिम बहुल इलाकों में पर्चे बांटकर और प्रचार करके प्रचार कर रहे थे कि केंद्र नागरिकता छीनने का इरादा रखता है।

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