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इलाज में लापरवाही: नामी अस्पताल के पांच डॉक्टर फंसे

Tue, 19 Aug 2014 11:11 AM IST
Updated Tue, 19 Aug 2014 11:11 AM IST
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case on five doctors after patient died

इलाज में लापरवाही से मौत के मामले में अदालत के आदेश पर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के पांच चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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तीस हजारी अदालत के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट डॉ. जगमिंदर सिंह ने अस्पताल के डॉ. सुधीर खन्ना, डॉ. अनुराग गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. मनु गुप्ता और डॉ. वीएस वेदी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 ए (चिकित्सीय लापरवाही से मौत) के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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आदेश के बाद 6 अगस्त को राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक पालम निवासी प्रेम किशोर ने पत्नी उर्मिला देवी (48) को इलाज के लिए 22 अप्रैल 2013 को सर गंग राम अस्पताल लेकर आए थे।

डॉक्टरों की इस गलती ने ले ली जान

case on five doctors after patient died

डॉक्टरों ने पहले पेशाब की नली में स्टेंट डाला था लेकिन बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हुई। कुछ समय बाद मरीज की दोबारा जांच की गई। जिसके बाद चिकित्सकों ने 4 सितंबर 2013 को रोबोटिक यूरेट्रोलाइसिस सर्जरी करने की सलाह दी।

इसी दौरान इलिक धमनी कटने से महिला के शरीर से काफी खून बह गया। इसके बाद डॉक्टरों ने दूसरी सर्जरी करने की बात कही लेकिन मरीज की स्थिति खराब होती गई। मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। छह सितंबर को मरीज की मौत हो गई।

मृतका के पति प्रेम किशोर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सर्जरी के लिए बनाई गई डॉक्टरों की टीम में वैस्कुलर सर्जन नहीं रखा गया था। जब मामला बिगड़ गया तब जाकर डॉ. वीएस वेदी को बाइपास ड्राफ्टिंग के लिए कॉल किया गया, लेकिन तब तक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी।

'मरीज की मौत होना दुखद'

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डॉक्टर ने कहा कि मामले की शिकायत राजेंद्र नगर पुलिस से मामले की गई। पुलिस की ओर से लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं करने पर कोर्ट में प्राथमिकी के लिए अर्जी लगाई गई थी।

सर गंगा राम अस्पताल में यूरोलॉजी विभाग के सीनियर कंसलटेंट डॉ सुधीर खन्ना ने कहा कि मरीज का यूरेट्रोलिसिस सर्जरी की गई थी। सर्जरी खत्म होने के समय दाहिने इलिक धमनी की धड़कन काफी तेज थी, यह सही लक्षण नहीं था।

इसके बाद वैस्कुलर सर्जन को बुलाया गया और डॉपलर टेस्ट किया गया लेकिन उसमें कुछ नहीं आया। मरीज की हालत में सुधार नहीं हो रहा था लिहाजा दोबारा सर्जरी कर ठीक करने का प्रयास किया गया। इस दौरान काफी खून बह गया और मरीज की मौत हो गई यह काफी दुखद था।

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