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Delhi Coaching Center Accident: नगर निगम के तीनों विभाग पूरी तरह रहे नाकाम, शिकायत पर भी नहीं की कोई कार्रवाई

Mon, 29 Jul 2024 04:22 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 29 Jul 2024 04:22 AM IST
सार

निगम के वर्क्स और सैनिटेशन विभाग को नाले की सफाई करनी थी। विभाग अपने इस बुनियादी काम को भी पूरा नहीं कर सका। मानसून आने से पहले यह नाले की सफाई नहीं कर सका। इससे हल्की सी बारिश में निकासी न हो पाने से सभी सड़कों पर कई फीट पानी भर जाता है।

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Case of death of three students preparing for civil services in Old Rajendra Nagar
Delhi Coaching Center Accident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजेंद्र नगर में आईएएस की तैयारी कर रहे तीन विद्यार्थियों की मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर दिल्ली नगर निगम है। इस मामले में निगम के तीनों विभाग अपने बुनियादी काम को भी नहीं कर सके। इसमें बिल्डिंग विभाग को नियम के खिलाफ जाकर बेसमेंट में स्टोर की जगह लाइब्रेरी चलाने पर कार्रवाई करनी थी, जबकि वर्क्स और सैनिटेशन विभाग को नाले की सफाई और रखरखाव करना था।

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एमसीडी एक्ट के मुताबिक, निगम ही बिल्डिंग बाइलाज के तहत नक्शा पास करना होता है और इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई का अधिकार भी इसी के पास है। इस मामले में विभाग पूरी तरह नाकाम रहा है। राव आईएएस स्टडी सेंटर के जिस बेसमेंट का इस्तेमाल स्टोर के तौर पर होना था, उसे लाइब्रेरी में तब्दील कर दिया गया। नगर निगम को इसको रोकना था, लेकिन निगम का बिल्डिंग विभाग सोया हुआ था। यहां तक कि करोल बाग के एक छात्र की 26 जून की ऑनलाइन शिकायत की भी अनदेखी की गई, जिसमें उसने राव स्टडी सेंटर के बेसमेंट में लाइब्रेरी चलने की बात करते हुए हादसे की आशंका जताई थी।

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वहीं, निगम के वर्क्स और सैनिटेशन विभाग को नाले की सफाई करनी थी। विभाग अपने इस बुनियादी काम को भी पूरा नहीं कर सका। मानसून आने से पहले यह नाले की सफाई नहीं कर सका। इससे हल्की सी बारिश में निकासी न हो पाने से सभी सड़कों पर कई फीट पानी भर जाता है। कई बार राजेंद्र नगर का नाला भी ओवर फ्लो होता है। शनिवार हादसे की वजह यही जलभराव बना। सड़क लबालब होने और गाड़ियों की आवाजाही से पानी अचानक से बेसमेंट में भर गया और वहां पढ़ाई कर रहे सिविल सेवा के प्रतिभागियों को निकलने का वक्त भी नहीं मिल सका। नतीजतन दो छात्राओं व एक छात्र की जान चली गई।

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पानी भरने के बाद नहीं लगाए गए पंप
राजेंद्र नगर इलाके में शनिवार हुए हादसे के लिए सीधे तौर पर नगर निगम की घोर लापरवाही सामने आ रही है। नालों की सफाई न कराने के अलावा निगम की ओर से यहां बारिश के पानी को निकालने के लिए कोई पंप भी नहीं लगाया गया था। नतीजतन यहां चार फीट से ज्यादा पानी भर गया और छात्रों की जान चली गई।

नाले की सफाई में कदम-कदम पर लापरवाही
एमसीडी को 30 जून तक नालों की सफाई करना होता है। इस साल भी इसका एक्शन प्लान बना था, लेकिन अभी तक राजेंद्र नगर इलाके के नालों की सफाई नहीं हुई। जबकि तीन जुलाई को निगम ने नालों को साफ कर लेने की बात कही थी। अब जिम्मेदारी लेने की जगह निगम ने हादसे के एक दिन बाद रविवार को भी दावा किया कि उसने इलाके में नालों की सफाई का पहला चरण पूरा कर लिया है। अब सवाल उठता है कि अगर उसने कौन से नालों की सफाई की है? अगर नाले साफ थे तो बेसमेंट में पानी कैसे भरा।

कोचिंग इंस्टीट्यूट वाले साध लेते है चुप्पी
जिस कोचिंग इंस्टीट्यूट की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है इस तरह के हादसे के बाद चुप्पी साध लेते है। कई बार तो ऐसा भी देखने को मिलता है कि हादसे के बाद मिले निर्देश को भी दरकिनार कर जाते है। दिशा-निर्देश को भी बिना माने बेपरवाह तरीके से कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ाई का सिलसिला जारी रखते है। घटना के एक दिन बाद ही दिखा कि मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, कटवरिया सराय समेत कई निजी लाइब्रेरी खुली रही। नेहरू विहार के वर्धमान मॉल में तो बेसमेंट में भी लाइब्रेरी खुली रही।

छात्रों की मौत पर राहुल गांधी ने जताया दुख
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन छात्रों की मौत पर दुख जताया। सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस नेता ने कहा, दिल्ली में एक इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने से प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों की मौत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ दिन पहले बारिश के दौरान बिजली का झटका लगने से एक छात्र की मौत हो गई थी। मैं सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा, बुनियादी ढांचे का यह पतन व्यवस्था की संयुक्त विफलता है। आम नागरिक असुरक्षित निर्माण, खराब नगर नियोजन और हर स्तर पर संस्थानों की गैरजिम्मेदारी की कीमत अपनी जान गंवाकर चुका रहा है।

लापरवाही और कुप्रबंधन की पराकाष्ठा : प्रियंका
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रियंका गांधी ने रविवार को कहा कि दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में जलभराव के कारण तीन छात्रों की मौत की घटना दिल दहला देने वाली है। मैं दिवंगत आत्माओं और शोक संतप्त परिवारों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हूं। यह लापरवाही और कुप्रबंधन की पराकाष्ठा है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए दूर-दूर से यहां आने वाले बच्चों की जिंदगी उनसे छीन ली जा रही है।

प्राकृतिक नहीं, मानव निर्मित  आपदा है : पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, यह मानव निर्मित त्रासदी है। उन्होंने कोचिंग सेंटर के लाइसेंस पर सवाल उठाए। कहा, बेसमेंट में कोचिंग सेंटर कैसे चल रहा था। क्या उनके पास लाइसेंस था। क्या उनके पास एमसीडी के सभी कागजात थे। हमें इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।

छात्रों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने रविवार को राजेंद्र नगर का दौरा कर तीन छात्रों की मौत के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही इस तरह ही घटनाओं के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।  देवेन्द्र यादव ने कहा कि घटना के तुरंत बाद सरकार और उसमें शामिल दल के नेता तीन-चार दिन तक चर्चा और बड़ी-बड़ी घोषणाएं करके उसका राजनीतिकरण करते हैं। पिछले दिनों पटेल नगर में करंट लगने से मरने वाले नीलेश राय के मामले में अभी तक कुछ नहीं हुआ है और अब बेसमेंट की घटना पर मंत्री आतिशी के आनन फानन में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए है।

सरकार, एमसीडी, और डीजेबी पर भी दर्ज हो केस : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कोचिंग सेंटर हादसा मामले में दिल्ली सरकार, नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड, पावर डिस्कॉम और सेंटर मालिक के खिलाफ मामले दर्ज किया जाए। जांच व कार्रवाई की जानी चाहिए। निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित मंत्री आतिशी इस्तीफा दें और इन विभागों के स्थानीय अधिकारियों को निलंबित किया जाए। सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली सरकार संवेदनशीलता दिखाए और दिवंगत छात्रों के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान करे। 

मृतकों के परिजनों को मिले एक एक करोड़ मुआवजा : मालीवाल
राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों से मिलने डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के शवगृह पहुंचीं सांसद स्वाति मालीवाल मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। साथ ही दिल्ली नगर निगम के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहीं। इससे पहले स्वाति राजेंद्र नगर भी गई। वहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बैठी और उनके मुद्दे को संसद में उठाने की बात कहीं।  वहीं आरएमएल अस्पताल के शवगृह में तान्या और श्रेया के परिजनों से मुलाकात की।  मुलाकात के बाद उन्होंने दिल्ली सरकार और एमसीडी पर जमकर हमला बोला। इस घटना को उन्होंने हत्या करार देते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान परिजनों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी है। 

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