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Delhi: सिविक सेंटर में आप और भाजपा पार्षदों के बीच मारपीट का मामला, केस दर्ज; CCTV और वीडियो से पड़ताल जारी

Mon, 27 Feb 2023 02:57 AM IST
विजय पुंडीर एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 27 Feb 2023 02:57 AM IST
सार

सिविक सेंटर में आप और भाजपा पार्षदों के बीच हुई मारपीट पर आईपीसी की धारा 160 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।

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Case filed in connection with fight between AAP and BJP corporators at Civic Center
एमसीडी सदन में मारपीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली नगर निगम सदन में शुक्रवार शाम हुए हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ऐक्शन मोड में आ गई है। आप और भाजपा पार्षदों के बीच हुए हंगामे और मारपीट के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा-160 (दंगा करने) के तहत मामला दर्ज किया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के अलावा सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो की पड़ताल की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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जानकारी के अनुसार सदन में स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव को लेकर दोनों पार्टियों के बीच जमकर बवाल हुआ था। सदस्यों के चुनाव के दौरान नतीजों की घोषणा के समय दोनों ओर से नारेबाजी और हुटिंग शुरू हो गई थी। बाद में यह नारेबाजी उग्र हो गई। वीडियो में दोनों ही पार्टी के पार्षद एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखे। यहां तक महिला पार्षदों को भी एक दूसरे से भिड़ते हुए देखा गया। इस हंगामे के बीच आप के एक पार्षद सदन में बेहोश हो गए थे।
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घटना के बाद शनिवार को दोनों पार्टियों ने एक दूसरे पर मारपीट करने के आरोप लगाकर दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने इस संबंध में शनिवार देर शाम को मामला दर्ज कर लिया। कमला मार्केट थाने में दर्ज हुई एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया गया है। एफआईआर में दोनों ओर से हंमामे की बात की बात की गई। पुलिस मामले में जांच करने की बात कर रही है।

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खुली जगह में भोजन परोसने की नीति से निगम मालामाल

अपने परिसर की खुली जगह और छत पर भोजन परोसने की अनुमति देना एमसीडी के लिए फायदे का सौदा साबित हुआ है। 15 नवंबर को शुरू हुई इस पॉलिसी के तहत निगम को मात्र चार माह में ही 5.44 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। इसके लिए एमसीडी ने 138 रेस्त्रां को खुली जगहों पर भोजन परोसने का लाइसेंस दिया है। जबकि छतों पर भोजन परोसने के लिए 57 रेस्त्रां मालिकों को अनुमति दी है। 

खुली ताजी हवा और खुले आसमान के नीचे लोगों को खाने-पीने का अनुभव देने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिहाज से निगम ने पिछले साल 15 नवम्बर को दिल्ली नगर निगम के एकीकरण से पहले ही दक्षिणी निगम ने रेस्त्रां से सटे खुले स्थानों व छतों पर भोजन परोसने की अनुमति प्रदान करने की नीति शुरू की थी।

हाईकोर्ट के अगले आदेश तक नहीं होगी निगम की बैठक

दिल्ली नगर निगम सचिव ने साफ किया है कि हाईकोर्ट के अगले आदेश तक अब सदन की बैठक नहीं होगी। मेयर ने स्थायी समिति चुनाव दोबारा कराने के लिए सोमवार को सदन की बैठक बुलाई थी, लेकिन रविवार को निगम सचिव कार्यालय की ओर से सभी निगम पार्षदों को सार्वजनिक रूप से सूचना जारी की गई है। मामले की अगली सुनवाई 22 को होगी।  

शुक्रवार को निगम की स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव होने के बाद इसके नतीजे घोषित करने से पहले सदन में पार्षदों के बीच जमकर मारपीट हुई। आखिर मेयर शैली ओबरॉय ने सदन की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। मेयर ने चुनाव की पूरी प्रक्रिया को रद्द करते हुए कहा था कि सोमवार को दोबारा इसका चुनाव होगा। मेयर के इस फैसले के खिलाफ शनिवार को पूर्व मेयर व मौजूदा पार्षद कमलजीत सहरावत और पार्षद शिखा रॉय ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि मेयर स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव के बैलेट पेपर, सीसीटीवी फुटेज और बाकी महत्वपूर्ण जानकारियों को सुरक्षित रखें। इस मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को  होनी है। 

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