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पब में की जा रही थी कार्ड की क्लोनिंग, तीन कर्मचारी गिरफ्तार
Tue, 05 Mar 2019 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 05 Mar 2019 05:39 AM IST
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शहर के एक नामी पब में कार्ड पेमेंट के दौरान स्वाइप मशीन में डिवाइस लगाकर क्लोनिंग की जा रही थी। क्लोनिंग के बाद पब के कर्मचारी उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे। कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए पब के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है और इनके पास से क्लोन करने की डिवाइस बरामद की गई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है।
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कोतवाली सेक्टर-24 के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि लॉजिक्स मॉल में इंपरफेक्टो बार में काम करने वाले छलेरा निवासी शुभम रावत, सेक्टर-37 निवासी कौशल और मंडावली, दिल्ली निवासी सुमित सिंह बिष्ट को गिरफ्तार किया गया है। तीनों बार टेंडर व सर्विस बॉय के रूप में काम करते थे।
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कम समय में जल्दी अमीर बनने के चक्कर में इन लोगों ने कार्ड क्लोनिंग शुरू कर दिया था। पब में आने वाले लोग जो कार्ड से पेमेंट करते थे। उनके कार्ड को पेमेंट के दौरान क्लोन करने लगे। इसके लिए स्वाइप मशीन में एक डिवाइस लगा रखी थी। जब किसी ग्राहक का एटीएम कार्ड स्वाइप किया जाता तो डिवाइस के माध्यम से कार्ड के सभी डिटेल्स कॉपी हो जाती थी।
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वहीं, ग्राहक जब अपना पिन डालते थे तो वह सीसीटीवी में कैद हो जाता था। इन लोगों ने जानबूझकर रेस्त्रां में लगे सीसीटीवी कैमरे को काउंटर पर फोकस कर दिया था। उसके बाद क्लोन कार्ड और पासवर्ड से ये लोग अकाउंट से पैसे निकला लेते थे और आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे।
बर्गर किंग में भी पकड़ा गया था मैनेजर
पिछले महीने जीआईपी मॉल के बर्गर किंग के मैनेजर को भी पुलिस ने कार्ड क्लोनिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। यहां मैनेजर भी ग्राहकों का कार्ड डिवाइस से क्लोन करता था। उसने पासवर्ड देखने के लिए कैमरे को खास एंगल पर सेट कर रखा था। साथ ही कार्ड क्लोन करने के लिए काउंटर में छिपाकर डिवाइस रखी हुई थी। वह उन क्लोन कार्ड और पासवर्ड को दूसरे साथी को देता, जिसके बदले में उसे हर सप्ताह हजारों रुपये कमीशन के रूप में मिलते थे।
कई गिरोह कर रहे काम
पहले बर्गर किंग और अब इंपरफेक्टो में कार्ड क्लोनिंग का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि यह नेटवर्क बहुत बड़ा है। शहर में इस तरह के कई गिरोह सक्रिय हैं। बड़े होटल, रेस्तरां के कर्मचारी ये फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसका मास्टर माइंड कार्ड क्लोनिंग के बदले उन्हें अच्छा खासा कमीशन देता है। हालांकि पुलिस अभी इस नेटवर्क के सरगना तक नहीं पहुंच पाई है।
कार्ड क्लोनिंग करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह एक बड़ा नेटवर्क है जो रेस्तरां व अन्य शो रूम के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत इस तरह की घटना कर रहा है। पुलिस की टीम जांच में जुटी है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी