31 मार्च के बाद पड़ जाएंगे कार्यकर्ताओं के टोटे!
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को जनसंपर्क करने का ज्यादा मौका नहीं मिलेगा। उनको मतदाताओं से संपर्क करने में खूब पसीना बहाना पड़ेगा।
क्योंकि प्रचार के दौरान 31 मार्च से आठ अप्रैल तक नवरात्र की धूम रहेगी। नवरात्रों के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं।
ऐसे में उम्मीदवारों को कार्यकर्ताओं की कमी का सामना भी करना पड़ सकता है। बताते चलें कि दिल्ली में 22 मार्च से चुनाव प्रचार शुरू हो जाएगा।
शुक्र है इस बार प्रचार के दौरान यह नहीं पड़ेगा
दिल्ली में 22 मार्च से चुनाव प्रचार शुरू हो जाएगा। जबकि मतदात 10 अप्रैल को होगा। दूसरी ओर इस बार चुनाव प्रचार के दौरान एक भी दिन विवाह का मुहूर्त नहीं है। नए हिंदू वर्ष में विवाह 16 अप्रैल से शुरू होंगे।
ऐसे में बीते लोकसभा चुनाव की तरह इस बार उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र में विवाह कार्यक्रमों में मतदाताओं से संपर्क साधने का मौका नहीं मिल सकेगा।
लेकिन नवरात्र के दौरान प्रत्याशियों को कार्यकर्ताओं की कमी खलने वाली है। क्योंकि शुरुआती दिनों में ही कार्यकर्ताओं की सबसे अधिक जरूरत होती है।