Delhi: यूरोलॉजी में कैंसर मरीजों को मिलेगी एडवांस कीमोथेरेपी, सफदरजंग अस्पताल में मिलेगी ये सुविधा
यूरोलॉजी विभाग के लिए सफदरजंग अस्पताल उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र है। इस विभाग में हर साल एक लाख से अधिक मरीज उपचार करवाने आते हैं। एक अनुमान है कि विभाग में औसतन रोज 800 मरीज आते हैं। इनमें से करीब 100 मरीज कैंसर से पीड़ित होते हैं।
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सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में कैंसर का उपचार करवाने आ रहे मरीजों को जल्द ही एडवांस कीमोथेरेपी की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। कीमोथेरेपी की इस एडवांस मशीन की मदद से मरीज के पेट के अंदर के हिस्सों में बड़े स्तर पर फैले कैंसर की रोकथाम के लिए आसानी से दवा दी जा सकेगी। अभी तक इसके लिए अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को अन्य माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसे देखते हुए सफदरजंग अस्पताल ने सीएसआर पहल के तहत पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत यूरोलॉजी विभाग में कैंसर के मरीजों के लिए चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति होगी।
यूरोलॉजी विभाग के लिए सफदरजंग अस्पताल उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र है। इस विभाग में हर साल एक लाख से अधिक मरीज उपचार करवाने आते हैं। एक अनुमान है कि विभाग में औसतन रोज 800 मरीज आते हैं। इनमें से करीब 100 मरीज कैंसर से पीड़ित होते हैं। इनमें से 30 से 40 फीसदी किडनी, ब्लैडर और प्रोस्टेट कैंसर के मरीज होते हैं, जो गंभीर रूप से पेट के अंदर तक फैला होता है। इसकी रोकथाम के लिए एडवांस कीमोथेरेपी की जरूरत होती है। नई मशीन आने के बाद इन मरीजों को यह सुविधा मिल सकेगी। कृत्रिम बुद्धिमता आधारित इस मशीन की मदद से पेट के अंदर फैले कैंसर की रोकथाम के लिए भी आसानी से दवा दी जा सकेगी।
मशीनें उन्नत यूरोलॉजिकल कैंसर के लिए बेहद फायदेमंद
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएल शेरवाल का कहना है कि चिकित्सा उपकरण आने के बाद मरीजों का इलाज बेहतर होगा। वहीं यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार का कहना है कि मशीनें उन्नत यूरोलॉजिकल कैंसर के लिए बेहद फायदेमंद होंगी, जो मरीजों को निशुल्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाली देखभाल की सुविधा प्रदान करेंगी।
कीमोथेरेपी के साथ आएंगे दर्द प्रबंधन उपकरण
सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी के साथ दर्द प्रबंधन उपकरण भी आएंगे। कैंसर का उपचार करवा रहे मरीज दर्द से परेशान होते हैं। ऐसे मरीजों के लिए अस्पताल में सुविधाओं का अभाव है। इस कमी को दूर करने के लिए पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से दर्द प्रबंधन उपकरण भी आएंगे। इस बारे में यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार का कहना है कि कैंसर से पीड़ित गंभीर मरीजों को दर्द झेलना पड़ता है। कई बार स्थिति काफी गंभीर होती है। ऐसे मरीजों के लिए दर्द प्रबंधन उपकरणों की जरूरत होती है, जो जल्द सीएसआर के तहत अस्पताल को उपलब्ध होंगे। यह मशीन आने के बाद उपचार करवाने आ रहे हजारों मरीजों को फायदा होगा। बता दें कि कैंसर पीड़ित मरीजों को असहनीय दर्द झेलना पड़ता है। ऐसे में मरीज के लिए इन उपकरणों की जरूरत होती है। इन उपकरणों की मदद से दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है।
होती है जल्द सर्जरी की जरूरत
अस्पताल का यूरोलॉजी विभाग प्रोस्टेट, किडनी और मूत्राशय के कैंसर के विभिन्न चरणों से पीड़ित गंभीर रोगियों का इलाज कर रहा है। इन्हें तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप की जरूरत होती है। इनमें से काफी मरीजों की समस्या को रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग करके नियंत्रित किया जाता है, जो न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के साथ अधिक सटीकता प्रदान करता है। इसके लिए पावर ग्रिड से अस्पताल को इलेक्ट्रो कीमोथेरेपी, हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी, मूत्र असंयम के लिए इलेक्ट्रोमायोग्राफी उत्तेजक, और पेटेंट दर्द प्रबंधन सहित अन्य उन्नत उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसकी मदद से इलाज बेहतर होगा और मृत्युदर को कम किया जा सकेगा।