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एनसीआर के इस गांव में भयानक रूप ले रहा कैंसर, दो दिन में दो लोगों की मौत

Tue, 31 Oct 2017 10:02 AM IST
नरेश गर्ग/अमर उजाला, फिरोजपुर झिरका
नरेश गर्ग/अमर उजाला, फिरोजपुर झिरका Updated Tue, 31 Oct 2017 10:02 AM IST
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cancer is widely spread in gurugram's sakras village, 30 deaths in last three years
कैंसर मरीज - फोटो : अमर उजाला

साकरस गांव में निंरतर कैंसर की बीमारी से बढ़ रहे मरीजों की वजह से गांव के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। कैंसर की बीमारी से जूझ रहे दो व्यक्तियों की दो दिन में एक-एक कर मौत हो चुकी है।

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जबकि पिछले तीन वर्षों में गांव के 30 लोगों के जीवन को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी लील चुकी है। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम न उठाने की वजह से गांव के लोगों में रोष व्याप्त है।
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खंड के सबसे बड़े गांव साकरस की आबादी 35 हजार के लगभग है। इस गांव में पिछले चार-पांच वर्षों से निरंतर कैंसर की बीमारी अपने पैर बड़ी तेजी से पसार चुकी है।
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पिछले तीन वर्षों में इस गांव में कैंसर से पीड़ित कुछ महिलाओं सहित 30 लोगों को अपना शिकार बनाया है। जबकि गांव के काफी लोग अभी भी कैंसर की बीमारी से लड़ रहे हैं। उनका उपचार देश के कई महानगरों के अस्पतालों में चल रहा है।

क्या कहते हैं मरीज

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कैंसर पीड़ित अलीजान की रविवार को तथा जाकिर की सोमवार को मौत हो गई। दोनों का ही सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर में उपचार चल रहा था।-परिवार के तीन लोगों की मौत, चौथा बीमारी से जूझ रहा

साकरस गांव में नबी मोहम्मद के चार पुत्र कायम खां, बशीर अहमद, शहाबुद्दीन एवं रजाक को कैंसर हुआ। इनमें से कायम खां, बशीर अहमद एवं शहाबुद्दीन की मौत हो चुकी है। जबकि रजाक कैंसर से जूझ रहा है। वहीं, लहरु के दो बेटों अहमद तथा भूरू की भी कैंसर से मौत हो चुकी है।-गांव में कैंसर फैलने की ये बता रहे वजह

साकरस गांव के पूर्व सरपंच फजरुद्दीन बेसर, पंचायत समिति सदस्य शमीम अहमद, नेमचंद नंबरदार का कहना है कि हो सकता है मोबाइल टावर से निकलने वाली किरणें लोगों को नुकसान कर रही हो। जबकि भूमिगत पानी, खेतों में यूरिया का ज्यादा इस्तेमाल भी इसका कारण हो सकता है। कारण जानने के लिए जांच की जरुरत है।

इनकी कैंसर से हो चुकी है मौत

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डेमो इमेज

कायम खां, बशीर अहमद, शहाबुद्दीन पुत्र नबी मोहम्मद, नसीम अहमद पुत्र अहमदजान, खलील अहमद पुत्र सूबेदीन, राबिया पत्नि ताहिर, किशन पुत्र रुपचंद, आमीन पुत्र उमर मोहम्मद, अहमद एवं भूरू पुत्र लहरु, जानू पुत्र बन्नू, मजीद पुत्र सद्दीक, खैरावन पत्नि नजीर, ज्ञानचंद पुत्र धन सिंह, साबिर पुत्र कल्लू, पप्पू पुत्र रूप सिंह, प्यारेलाल पुत्र गोरधन, लेखराम, रोशनी, ओमी, इसहाक, साहून, कमरुद्दीन, अमीना पत्नि बशीर, तेज सिंह सहित काफी लोगों की कैंसर की बीमारी से मौत हो चुकी है।

कैंसर पीड़ित इन लोगों का चल रहा है इलाज
गांव के कल्लू पुत्र पैमला, नसिया पत्नि जुम्मा, रज्जाक पुत्र नबी मोहम्मद, इलियास पुत्र चंदर, इलियास पुत्र दीन मोहम्मद एवं ताजी का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

प्रशासन की अनदेखी से खफा हैं ग्रामीण
चौधरी अकबर, वसीम अहमद, रमेश चंद, मुरारीलाल गुप्ता ने कहा कि कैंसर संबंधी शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में आती है लेकिन इसका आज तक किसी ने पता नहीं लगाया कि गांव में कैंसर इतनी तेजी से क्यों फैल रहा है। ये प्रशासन की अनदेखी नहीं है तो और क्या है।

साकरस गांव में कैंसर से हो रही मौत का आंकड़ा वाकई चौंकाने वाला है। गांव में टीम भेजकर सर्वे करवाया जाएगा। जांच की जाएगी कि आखिर गांव में इतनी तेजी से कैंसर क्यों फैल रहा है।-डा. श्रीराम सिवाच, सिविल सर्जन, नूंह

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