Delhi Crime: अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 24 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
आरोपी डार्क वेब, टेलीग्राम पर सक्रिय कॉल जेनरेटिंग हैकर्स की मदद से अमेरिकी नागरिकों की बीमा और मोबाइल बैकिंग समस्याओं को हल करने का झांसा देकर चार साल में 2000 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
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नोएडा एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर ग्रेनो वेस्ट की महागुन मायवुड्स और गाजियाबाद की विंडसर सोसाइटी के फ्लैट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। टीम ने शनिवार को कार्रवाई कर सरगना अंकुर गुप्ता और उसके साझेदार तरुण कुमार समेत 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी डार्क वेब, टेलीग्राम पर सक्रिय कॉल जेनरेटिंग हैकर्स की मदद से अमेरिकी नागरिकों की बीमा और मोबाइल बैकिंग समस्याओं को हल करने का झांसा देकर चार साल में 2000 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से टीम ने एक मर्सिडीज समेत नौ कार, 23 लैपटॉप, 36 मोबाइल, चार लाख रुपये और लाखों की विदेशी मुद्रा व अन्य सामान बरामद किए हैं।
एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि अमेरिकी नागरिक समीर गुप्ता और जॉन जोनस ने ई-मेल से मामले की शिकायत की थी। अंकुर गुप्ता और वरुण सूद पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी का आरोप लगाया गया था। आरोपियों ने मदद का झांसा देकर अमेरिका के बैंक अकाउंट से हांगकांग के एचएसबीसी अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करा लिए थे। एसटीएफ और पुलिस ने कॉल सेंटर की लोकेशन पता कर बिसरख कोतवाली क्षेत्र की महागुन मायवुड्स सोसाइटी, गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित विंडसर सोसाइटी के दो फ्लैटों में दबिश देकर फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। आरोपी महागुन मायवुड्स सोसाइटी के फ्लैट में सितंबर से कॉल सेंटर चला रहे थे।
डार्क वेब डाटा जुटाकर ऐसे करते थे ठगी
सरगना अंकुर गुप्ता डार्क वेब, टेलीग्राम चैनल के माध्यम से कॉल जेनरेटिंग हैकर्स के संपर्क में आ गया था। आरोपी ने हैकर्स की मदद से अमेरिका के नागरिकों का डाटा जुटा लिया। डाटा के आधार पर एसएमएस, ईमेल, और पॉपअप के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग और बीमा संबंधी समस्या को हल करने के ऑफर भेजे जाते थे। जैसे ही विदेशी नागरिक की मदद के लिए कॉल करते ये कॉल क्लाउड बेस डायलर की मदद से अंकुर गुप्ता के कॉल सेंंटर पर आ जाती थी। इसके लिए अंकुर गुप्ता बिट क्वाइन में कॉल जेनरेटिंग हैकर्स को भुगतान करता था। अंकुर गुप्ता ने विभिन्न प्लेटफार्म पर छह क्रिप्टो वॉलेट बना रखे हैं। समस्या हल करने के लिए फर्जी रूप से लगाईं गईं समस्या के निवारण के लिए विदेशियों से डालर बिट क्वाइन, जेली, गिफ्ट कार्ड, कैश एप आदि के माध्यम हॉंगकांग के बैंक में ट्रांसफर करा लेते थे।
विदेशी विशेषज्ञों की मदद से जुटेंगी छह टीमें
सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए अब पहाड़ के ऊपर और साइड से ड्रिलिंग होगी। वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए चार स्थानों की पहचान की गई है, वहां तक पहुंचने के लिए ट्रैक बनाने का काम सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया है। विदेशी विशेषज्ञों की मदद से पांच विकल्पों पर केंद्र और राज्य की छह टीमें रविवार से काम शुरू करेंगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ सिलक्यारा पहुंचेंगे।