फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   cag report reveals agencies didnt give any record of their work to delhi govt

दिल्ली सरकार की लापरवाही उजागर, नहीं मिला 18 हजार करोड़ का हिसाब-किताब

Sat, 02 Apr 2016 12:10 PM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 02 Apr 2016 12:10 PM IST
सार

ये दी हैं सिफारिशें
-सरकारी विभागों के आंतरिक नियंत्रण तंत्र को मजबूत किया जाए
-उपयोग प्रमाणपत्र की प्राप्ति के बाद ही आगे का अनुदान जारी किया जाए
-स्वायत्त निकायों के वार्षिक लेखों की प्रस्तुति को तेज करने के लिए किसी प्रणाली को अपनाएं
-सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल, चोरी या हानि के मामलों की रूपरेखा तैयार की जाए

विज्ञापन
cag report reveals agencies didnt give any record of their work to delhi govt
कैग - फोटो : demo pic

विस्तार

दिल्ली सरकार ने अलग-अलग काम के लिए जिन एजेंसियों को खर्च के लिए पैसे दिए उन्होंने हिसाब-किताब नहीं दिए। एक साल में राशि खर्च का उपयोग प्रमाणपत्र लेना होता है।

विज्ञापन


लेकिन दो से दस साल तक के 3761 मामले में 17,720 करोड़ रुपये का उपयोग प्रमाणपत्र नहीं लिया गया। कई मामलों में देरी से उपयोग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए जाने के कारण समुचित उपयोग सुनिश्चित नहीं किया जा सका। ये खुलासा कैग की रिपोर्ट से हुआ है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, जिन 3761 मामले में उपयोग प्रमाण पत्र नहीं लिए गए हैं, उसमें 4226 करोड़ रुपये तो दस साल से भी पहले दिए गए गए थे। इनका अभी तक संबंधित एजेंसियों ने किस तरीके से उपयोग किया, इसकी जानकारी नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं 9 निकायों में से तीन का 2013-14 तक का बकाया 16 वार्षिक लेखे में नहीं मिले थे। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार के विभागों ने दुरुपयोग, हानि, चोरी, गबन के 24 मामलों की सूचना दी थी, जिसमें मार्च, 2015 तक 23.3 लाख रुपये की सार्वजनिक राशि सम्मिलित थी। लेखा परीक्षा में दिल्ली सरकार के 255 करोड़ रुपये की राशि का पता चला, जो सस्पेंस अकाउंट में बकाया था जबकि इनका तुरंत निपटान और उपयुक्त लेखा शीर्ष में वर्गीकरण किया जाना आवश्यक था।

बजट राशि खर्च में नाकामी से पिछड़ी दिल्ली: माकन

cag report reveals agencies didnt give any record of their work to delhi govt
अजय माकन

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कैग रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2014-15 में प्रावधान की राशि खर्च नहीं किए जाने पर की गई टिप्पणी का हवाला देकर आप सरकार को दिल्ली के पिछड़ने का कारण बताया है।

तर्क दिया है कि जहां इस वित्त वर्ष 6094 करोड़ रुपये बिना खर्च के बचे, जिसकी वजह से विकास रुका। वहीं बजट प्रावधान और रिवाइज एस्टीमेट का अंतर देखें तो वित्त वर्ष 2015-16 में नया रिकार्ड बना है। बजट प्रावधान और रिवाइज एस्टीमेट का अंदर 3164 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वर्ष 2014-15 के मुकाबले यह राशि 1200 करोड़ रुपये ज्यादा है।

अजय माकन ने कहा है कि कैग की टिप्पणी दर्शाती है कि आम आदमी पार्टी सरकार का पिछला बजट सच्चाई से काफी दूर था। कैग ने कहा है कि जिस फंड का प्रावधान जिस वर्ष किया जाता है, उसी वर्ष में खर्च करना चाहिए। अंतिम तिमाही में अधिक खर्च से बचना चाहिए। ऐसे में खत्म हुए वित्त वर्ष का खर्च काफी पिछड़ा है और अंतिम महीने का खर्च अधिक होने की आशंका उपमुख्यमंत्री के बजट भाषण में झलकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed