फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   cag report on delhi police: working cctv cameras number very few old communication systems are used

दिल्ली पुलिस पर कैग की रिपोर्ट: ठीक कैमरों की संख्या बेहद कम, पुरानी संचार प्रणालियों का इस्तेमाल

Thu, 24 Sep 2020 02:53 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 24 Sep 2020 02:53 PM IST
विज्ञापन
cag report on delhi police: working cctv cameras number very few old communication systems are used
दिल्ली पुलिस - फोटो : delhipolice.nic.in

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने संसद में एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस की ओर से लगाए गए 3,870 सीसीटीवी कैमरों में से संतोषजनक काम कर रहे कैमरों की संख्या 'बेहद कम' है।

विज्ञापन


संसद में बुधवार को पेश की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में भारतीय दंड संहिता के तहत 2019 में पंजीकृत अपराधों की संख्या 2013 के मुकाबले 275 फीसदी तक बढ़ गई है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने स्वीकार किया कि अपराधों को दर्ज कराने की संख्या में व्यापक बढ़ोतरी और ई-प्राथमिकी दर्ज करने की सुविधा से आंकड़ें बढ़े हैं।
विज्ञापन


कैग की रिपोर्ट 'दिल्ली पुलिस में श्रमबल और साजो-समान प्रबंधन' से सामने आए तथ्यों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने शहर भर में सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थानों पर 3,870 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।रिपोर्ट में कहा गया, 'संतोषजनक काम कर रहे कैमरों की संख्या बेहद कम है, (प्रायोगिक चरण) वाले 31 फीसदी कैमरे जबकि अन्य चरण वाले 44 फीसदी तक कैमरे बेकार हैं।’
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस 20 साल पुरानी ट्रंकिंग प्रणाली (एपीसीओ) का इस्तेमाल कर रही है, इनकी कार्यसीमा 10 वर्ष की है जिसे बीते हुए 10 साल हो चुके हैं। ट्रंकिंग प्रणाली ऐसी रेडियो संचार प्रणाली है, जिसमें दो तरफ से संपर्क हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया, 'वायरलेस सेट को अद्यतन करने के लिए 10 साल पहले ही प्रस्ताव रखे गए थे लेकिन अब तक निविदा पर अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका है। पारंपरिक प्रणाली के तहत आनेवाले वायरलेस सेट की संख्या जून 2000 के 9,638 के मुकाबले जून,2019 में घटकर 6,172 रह रह गई है क्योंकि इस अवधि में जो सेट खराब हुए थे, उन्हें नियमित तौर पर नहीं बदला गया।'


कैग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि श्रमबल की कमी की वजह से भी दिल्ली पुलिस के काम-काज पर असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया, 'केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 12,518 पदों को मंजूरी देते हुए सलाह दी थी कि पहले 3,139 पदों को भरकर काम शुरू किया जाए और इन कर्मियों की जमीन पर तैनाती के बाद 9,379 पदों पर भर्ती की जाए,लेकिन दिल्ली पुलिस 3,139 पदों पर भर्तियां करने में असफल रही जिसकी वजह से 9,379 मंजूरी पदों के लिये भी कार्य आगे नहीं बढ़ सका।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed