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जेएनयू छात्रा की आंखों पर पट्टी बांधकर कैब चालक ने घंटों किया दुष्कर्म, पुलिस का मदद से इंकार
Tue, 06 Aug 2019 08:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 06 Aug 2019 08:52 AM IST
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- फोटो : pexels.com
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मंदिर मार्ग थाना इलाके में कैब चालक ने जेएनयू की 21 वर्षीय छात्रा (21) से दुष्कर्म किया। वह छात्रा को आईआईटी के पास एक पार्क में फेंक गया।
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छात्रा पूरी रात पार्क में पड़ी रही। उसका आरोप है कि सहायता के लिए वह थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी टाइम का हवाला देते हुए भगा दिया। छात्रा को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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वहां से वसंत कुंज (नॉर्थ) थाना पुलिस को सूचना दी गई। घटनाक्रम की जानकारी के बाद पुलिस ने छात्रा को मंदिर मार्ग थाने में भेज दिया गया। मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली छात्रा जेएनयू में एक हॉस्टल में रहती है। उसने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसने लक्ष्मी नारायण मंदिर, मंदिर मार्ग से दो अगस्त को रात करीब 8 बजे उबेर कैब ली थी। बैठते ही कैब चालक उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। छात्रा ने उसे थप्पड़ मार दिया।
चालक ने कैब रोकी तो वह बाहर निकल आई। चालक उसका पीछा करने लगा और उसने बाल पकड़कर उसे कैब में डाल लिया। इसके बाद कैब चालक ने उसकी आंखों पर पट्टी बांधी और दुष्कर्म किया। कैब चालक शराब के नशे में था। छात्रा ने चालक को लात मारने के बाद उसके सिर पर एक बोतल मारी और भाग निकली। उसे सामने एक पुलिस स्टेशन दिखा।
वहां दो महिला और दो पुरुष पुलिसकर्मी थे। छात्रा ने उनसे जेएनयू छोड़ने को कहा। वह पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाना नहीं चाहती थी। महिला पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी टाइम का हवाला देते हुए उसे छोड़ने से मना कर दिया। वह बाहर खड़े एक ऑटो में बैठ गई। अगले दिन उसने खुद को एक पार्क में पाया। पार्क के गार्ड ने उसे वहां से जाने को कहा।
अगले दिन किसी व्यक्ति की मदद से वह जेएनयू पहुंची। यहां प्राथमिक उपचार के बाद जेएनयू प्रशासन ने उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने ओला व उबर कंपनी को पत्र लिखकर उन कैब की जानकारी मांगी हैं, जो दो अगस्त को रात 8 बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास थीं।
छात्रा के शरीर पर नहीं हैं निशान: पुलिस
अतिरिक्त पुलिस प्रवक्ता अनिल मित्तल के अनुसार, मंदिर मार्ग थाना पुलिस को 4 अगस्त को सफदरजंग अस्पताल से छात्रा से दुष्कर्म की सूचना मिली थी। पुलिस ने छात्रा की मेडिकल जांच कराई गई। छात्रा ने घटना की सूचना दो दिन बाद पुलिस को दी है। मेडिकल जांच में छात्रा के शरीर पर चोट व खरोच के निशान नहीं पाए गए हैं। छात्रा के बयानों में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं।
वहां दो महिला और दो पुरुष पुलिसकर्मी थे। छात्रा ने उनसे जेएनयू छोड़ने को कहा। वह पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाना नहीं चाहती थी। महिला पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी टाइम का हवाला देते हुए उसे छोड़ने से मना कर दिया। वह बाहर खड़े एक ऑटो में बैठ गई। अगले दिन उसने खुद को एक पार्क में पाया। पार्क के गार्ड ने उसे वहां से जाने को कहा।
अगले दिन किसी व्यक्ति की मदद से वह जेएनयू पहुंची। यहां प्राथमिक उपचार के बाद जेएनयू प्रशासन ने उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने ओला व उबर कंपनी को पत्र लिखकर उन कैब की जानकारी मांगी हैं, जो दो अगस्त को रात 8 बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास थीं।
छात्रा के शरीर पर नहीं हैं निशान: पुलिस
अतिरिक्त पुलिस प्रवक्ता अनिल मित्तल के अनुसार, मंदिर मार्ग थाना पुलिस को 4 अगस्त को सफदरजंग अस्पताल से छात्रा से दुष्कर्म की सूचना मिली थी। पुलिस ने छात्रा की मेडिकल जांच कराई गई। छात्रा ने घटना की सूचना दो दिन बाद पुलिस को दी है। मेडिकल जांच में छात्रा के शरीर पर चोट व खरोच के निशान नहीं पाए गए हैं। छात्रा के बयानों में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं।