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कोरोना का असरः कैब कंपनियों के कारोबार में 30 फीसदी तक की गिरावट

Fri, 13 Mar 2020 05:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 13 Mar 2020 05:54 AM IST
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Cab companies down by 30 percent in business due to corona fear
demo pic - फोटो : Social Media

कोरोना के बढ़ते संक्रमण से दिल्ली-एनसीआर की आईटी कंपनियों और कॉरपोरेट हाउस में काम करने वाले टैक्सी संचालकों के कारोबार को बड़ा झटका लगा है। कारोबार में 30 फीसदी तक की गिरावट से रोज करोड़ों का नुकसान होने लगा है। 

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दिल्ली-एनसीआर की कंपनियों के रोज 40 हजार से अधिक वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते असर के बाद एहतियातन अधिकतर देशों ने सभी यात्राएं निरस्त कर दी हैं। ऐसे में इससे मल्टीनेशनल कंपनियों में संचालित कैब-टैक्सी सेवाओं को भी नुकसान पहुंचा है। घर बैठकर काम करने और भीड़भाड़ से बचने की हिदायत के बाद सभी आयोजनों को स्थगित किए जाने से भी कैब सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
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दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर रोज करीब एक लाख कैब-टैक्सियां चलती हैं। इनमें कैब कंपनियां, निजी टैक्सियां, एयरपोर्ट से संचालित होने वाली टैक्सियों के अलावा कॉरपोरेट हाउस को सेवाएं देने वाले कैब ऑपरेटर शामिल हैं।
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दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट का कहना है कि विदेश यात्राएं बंद होने की वजह से देश के किसी भी शहर के लिए पर्यटकों की संख्या 50 फीसदी से कम हो गई है। इससे टैक्सी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

गोल्डन आइकॉन के डायरेक्टर मानव के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की आईटी और मल्टीनेशनल कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका से बचने के लिए कई कंपनियां कर्मचारियों से घर से ही काम करवा रही हैं, तो विदेश से कंपनियों में आने वाले कॉरपोरेट्स भी कम हुए हैं। कंपनियों में काम करने के लिए अब कम संख्या में कर्मी पहुंच रहे हैं, इसलिए कैब की मांग भी कम हो गई है।

कैब संचालक अनिल अग्रवाल ने बताया कि कई कंपनियों में घर से ही काम कराने को बढ़ावा दिया जा रहा है। कंपनियों में होने वाली मीटिंग सहित तमाम कार्यक्रम फिलहाल रद्द किए जा रहे हैं, इसलिए टैक्सी और कैब की मांग भी कम हो गई है। आईटी सहित अन्य विदेशी कंपनियों में रोज करीब 1200 कैब की मांग थी। अब घटकर करीब 900 रह गई है। इससे काफी नुकसान हुआ है।

कर्मचारियों के शरीर का मापा जाता है तापमान
कंपनियों में दाखिल होने से पहले कर्मियों के शरीर के तापमान को मापने के बाद ही उन्हें प्रवेश की इजाजत दी जाती है। कैब चालकों को भी रोज सुबह और रात के वक्त ड्यूटी के दौरान दो बार अपने शरीर का तापमान मापने के बाद इसकी रिपोर्ट देनी पड़ रही है। किसी भी कर्मी या चालक को बुखार होने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाए जाते हैं।


कैब में सेनेटाइजर और मास्क का इंतजाम
कैब संचालकों का कहना है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रोज वाहनों को कीटाणु मुक्त किया जाता है। सवारियों के साथ-साथ चालकों के लिए भी मास्क और सेनेटाइजर मुहैया करवाए जा रहे हैं।

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