सीएए: शाहीन बाग में नहीं हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस, गोली चलाने के मामले में एफआईआर की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को दिल्ली स्थित शाहीन बाग में पिछले डेढ़ महीने से ज्यादा समय से लोगों का प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में बच्चे, बूढ़े, महिलाओं के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों और विपक्षी पार्टियों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। इसी बीच खबर थी कि प्रदर्शनकारी शाहीन बाग में देर रात प्रेस कॉन्फ्रेस करेंगे लेकिन वह नहीं की गई। आयोजक इस बात को लेकर साफ नहीं हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन की जानकारी किस आधार पर सामने आई।
Delhi: The press conference that was to be held at Shaheen Bagh at 11 pm yesterday couldn't take place and no reason has been given so far. Organisers are not clear about who gave information regarding the press conference. https://t.co/eIKSw66Z2D
— ANI (@ANI) January 30, 2020विज्ञापन
इस बीच जामिया के पुराने छात्र संघ ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एसएचओ को एक पत्र लिखकर बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा और राम भगत के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की है। भगत ने ही गोली चलाई थी।
बता दें कि सीएए के खिलाफ डेढ़ महीने से ज्याजा समय से शाहीन बाग में महिलाएं धरना प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शन को लेकर नेता लगातार तीखी बयानबाजी कर रहे हैं। मामला मंगलवार का है। जब भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने अपने एक बयान में शाहीनबाग की तुलना कश्मीर से कर डाली। वर्मा ने कहा शाहीनबाग के लोग दिल्ली में घुस जाएंगे। बहन-बेटियों को उठाएंगे। दुष्कर्म करेंगे और मार देंगे।
प्रवेश वर्मा ने कहा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते है कि वह शाहीन बाग के साथ है, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी कहते है कि वह शाहीन बाग के साथ है। दिल्ली के लोग जानते है कि कुछ साल पहले कश्मीर में एक आग लगी थी वहां कश्मीरी पंडितों के बहन-बेटियों के साथ दुष्कर्म हुआ था। उसके बाद यह आग उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, केरल में लगती रही।
वह आग दिल्ली के एक कोने में लग गई है। वहां पर लाखों लोग इकट्ठे हो जाते है। यह आग दिल्ली के घरों तक पहुंच सकती है। दिल्ली के लोगों को सोच-समझ कर फैसला लेना होगा। ये लोग दिल्ली वालों के घरों में घुस जाएंगे, बहन-बेटियों को उठाएंगे। दुष्कर्म करेंगे और मारेंगे। इसलिए आज समय है।
कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह बचाने नहीं आएंगे। आज अगर दिल्ली के लोग जाग जाएंगे तो अच्छा रहेंगा। वह तबतक सुरक्षित रहेंगे जबतक प्रधानमंत्री मोदी जी है। अगर कोई दूसरा प्रधानमंत्री बन गया तो सुरक्षित नहीं रहेंगे।