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CAA Protest LIVE: जामिया फायरिंग: आरोपी शख्स को 14 दिन की सुरक्षात्मक हिरासत में भेजा

Fri, 31 Jan 2020 04:12 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Fri, 31 Jan 2020 04:12 PM IST
खास बातें

दिल्ली के शाहीन बाग में लगभग डेढ़ महीने से लोग नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठे हैं। गुरुवार रात सड़क खोलने के मुद्दे को लेकर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी दो गुटों में बंट गए। वहीं जामिया के छात्रों द्वारा निकाले गए मार्च में गोली चलने से राजधानी का माहौल बेहद गंभीर हो गया है। यहां पढ़ें हर अपडेट-

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CAA protest in Delhi live update Shaheen bagh Jamia Millia Islamia
पुलिस मुख्यालय के बाहर हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी - फोटो : ANI

लाइव अपडेट

04:11 PM, 31-Jan-2020
दिल्ली की एक अदालत ने जामिया फायरिंग मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी शख्स को 14 दिन की सुरक्षात्मक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जामिया के बाहर फायरिंग करने वाले शख्स की उम्र का पता लगाने के एक परीक्षण(ओसिफिकेशन टेस्ट) किया है। 
03:11 PM, 31-Jan-2020

15 दिसंबर को जामिया में हुई हिंसा का आरोपी गिरफ्तार

15 दिसंबर को जामिया इलाके में नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के एक आरोपी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम इल्यास है। 
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01:59 PM, 31-Jan-2020

जामिया की घटना में अनुराग ठाकुर की भूमिका की जांच हो: आप

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को पत्र लिखकर जामिया के छात्र को गोली मारने की घटना में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (फाइल तस्वीर में) की भूमिका की जांच की मांग की है।
12:11 PM, 31-Jan-2020

अनुराग ठाकुर के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज

कांग्रेस की युवा इकाई के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने आज अनुराग ठाकुर के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई। श्रीनिवास ने ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और आरोप लगाया कि उनके बयान का नतीजा है कि एक युवक ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की।
12:05 PM, 31-Jan-2020

जामिया के घायल छात्र को एम्स से छुट्टी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने की घटना में घायल हुए छात्र शादाब फारूक को शुक्रवार सुबह एम्स से छुट्टी दे दी गई। फारूक के दोस्त अल अमीन ने बताया कि सुबह आठ बजे उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अल अमीन ने कहा, 'उसके पिता गुरुवार रात को दिल्ली पहुंचे लेकिन शादाब कश्मीर में अपने घर नहीं लौटेगा। वह विश्वविद्यालय में ही रहेगा।'
10:51 AM, 31-Jan-2020

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने होगी आरोपी की पेशी

जामिया इलाके में गोलीबारी के आरोपी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करेगी।
 
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10:18 AM, 31-Jan-2020

जामिया गोलीबारी के आरोपी ने कहा- कोई पछतावा नहीं

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार जामिया गोलीबारी के आरोपी शख्स ने किसी संगठन से अपने संबंध होने की बात को खारिज किया है। उसे अपने कृत्य को लेकर किसी तरह का पछतावा नहीं है। सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर तमाम तरह के वीडियो देखने के बाद वह कट्टर हो गया। आरोपी 2018 में कासगंज हिंसा के दौरान हुई चंदन गुप्ता की मौत का बदला लेना चाहता था।
10:02 AM, 31-Jan-2020

छात्रों को हिरासत में लिया गया

आईटीओ पर स्थित दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को शुक्रवार सुबह हिरासत में लिया गया और इलाके से हटा दिया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप एक व्यक्ति के सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इस घटना को लेकर छात्र गुरुवार रात से दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बाद में मुख्यालय के बाहर की सड़क को बंद कर दिया था।

दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ‘पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन के कारण विकास मार्ग की ओर डब्ल्यू प्वाइंट से ए प्वाइंट की ओर जाने वाली सड़क को स्थानीय पुलिस ने बंद कर दिया है। कृपया इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें।’
10:00 AM, 31-Jan-2020

विपक्षियों का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर के अंदर गांधी जी की प्रतिमा के सामने नागरिकता कानून, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन किया।
09:55 AM, 31-Jan-2020

नागरिकता कानून पर बोलीं उर्मिला मतोंडकर

कांग्रेस नेता और अभिनेत्री उर्मिला मतोंडकर ने नागरिकता कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 1919 में दूसरे विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटिश जानते थे कि भारत में अशांति फैल रही है और युद्ध खत्म होने के बाद यह बढ़ सकती है। इसलिए उन्होंने एक कानून लाया जिसे आम तौर पर रॉलेट एक्ट के नाम से जानते हैं। 1919 के उस रॉलेट एक्ट और 2019 के नागरिकता संशोधन अधिनियम को इतिहास में काले कानूनों के नाम से जाना जाएगा।
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