03:00 PM, 16-Jan-2020
पहले जनता सरकार को चुनती थी लेकिन अब सरकार चुनेगी कौन यहां रहे- करुणा नंदी
करुणा नंदी ने प्रदर्शन में शामिल होकर कहा हमें टुकड़े-टुकड़े करने की साजिश हो रही है। एनआरसी, एनपीआर और सीएए के खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हिंदुस्तान को सलाम, पहले जनता सरकार को चुनती थी लेकिन अब सरकार चुनेगी कौन यहां रहेगा। कौन शरणार्थी और कौन घुसपैठिया है, देखा जाएगा। हमें नागरिक होने का सबूत देना होगा। यह आंदोलन संविधान को बचाने का आंदोलन बन गया है। एनआरसी, एनपीआर का प्रोसेस नेवर एंडिंग स्टोरी है।
02:32 PM, 16-Jan-2020
सरकार हमसे डरती है और पुलिस को आगे करती हैः मेधा पाटकर
प्रदर्शनस्थल पर पहुंची मेधा पाटकर ने कहा कि विश्व गुरु बनने से पहले भारत को देश गुरु बनना होगा। आर्थिक व्यवस्था धवस्त हो रही है और ये हमारे बीच दीवारें खड़ी कर हमें विभाजित करना चाहते हैं। समता और विविधता में घुसपैठ की जा रही है, सरकार संवाद नहीं करना चाहती। ये सरकार हमसे डरती है और पुलिस को आगे करती है। एनपीआर, एनआरसी और सीएए एक ही बात है।
01:29 PM, 16-Jan-2020
डीयू के गेट नंबर चार पर चल रहा विरोध
दिल्ली यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 4 पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र एनआरसी सीएए एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन व नुक्कड़ नाटक कर विरोध जता रहे हैं।
01:22 PM, 16-Jan-2020
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र भी पहुंचे हैं
जो हिटलर की चाल चलेगा वो हिटलर की मौत मरेगा, फासीवाद नहीं चलेगा के नारे इस वक्त लग रहे हैं। NPR, NRC, CAA, नहीं चलेगा नारे लग रहे हैं। अलीगढ मुस्लिम विश्विद्यालय के छात्र भी यहां पहुंचे हैं और एक ने कहा हम हिंसा में विश्वास नहीं करते। एएमयू के छात्रों ने कहा कि वह डीयू में दोस्ती का हाथ बढ़ाने आये हैं।
01:20 PM, 16-Jan-2020
सुचेता डे ने क्या कहा
सुचेता डे ने ये भी कहा कि हमें धर्म और भाषा के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। जो सत्याग्रह शाहीन बाग में शुरू हुआ उसमें सब साथ हैं। यंग इंडिया 20 जनवरी को मंडी हाउस से मार्च निकलेगा।
01:03 PM, 16-Jan-2020
सीएएः डीयू के बाहर प्रदर्शन, मेधा पाटकर बोलीं- सरकार हमसे डरती है, पुलिस को आगे करती है
आज दिल्ली यूनिवर्सिटी के गेट नंबर चार पर हो रहा है जिसकी आयोजक गांधी कॉलिंग नामक संस्था है। यहां पर डीयू के छात्रों समेत तमाम समाज सेवी व अन्य वर्गों से लोग आए हैं। यहां नुक्कड़ नाटक व प्रदर्शनों के माध्यम से सीएए कानून का विरोध हो रहा है। सुचेता डे ने यहां से कहा है कि आजादी के समय भी यूथ निकला था। हिंदू-मुस्लिमों ने एक साथ शहादत दी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि धर्म देश को डिफाइन करने का आधार नहीं हो सकता। हम भारत के लोग हैं। हम भारत के लोग अधिनायक हैं। यह आज़ादी की लड़ाई चलेगी, जब तक एनआरसी और सीएए वापस नहीं होता। हम क्यों बताएं कि हमारे माता-पिता कहां पैदा हुए।