CA Shwetabh Murder Case: बाइक पर सवार थे सीए के शूटर, सीसीटीवी कैमरे में भागते नजर आए बदमाश
मझोला क्षेत्र में दिल्ली रोड, बुद्धि विहार कॉलोनी की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में बदमाश हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भागते हुए दिखाई दिए। बदमाश यामाहा की एफजेडएस बाइक से भागते दिखे हैं। यह बाइक मानसरोवर कॉलोनी गेट पर भी देखी गई है।
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सीए हत्याकांड के खुलासे में जुटी पुलिस अब तक न तो हत्यारों को तलाश पाई और न ही हत्या की वजह साफ कर सकी है। कई कहानियों में उलझी पुलिस अब शूटरों के जरिए मास्टरमाइंड तक पहुंचना चाहती है। इसके लिए पुलिस ने पूरा ध्यान शूटरों पर लगा दिया है। इसके लिए पुलिस सबसे पहले बाइक को बरामद करने में जुट गई है।
मझोला क्षेत्र में दिल्ली रोड, बुद्धि विहार कॉलोनी की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में बदमाश हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भागते हुए दिखाई दिए। बदमाश यामाहा की एफजेडएस बाइक से भागते दिखे हैं। यह बाइक मानसरोवर कॉलोनी गेट पर भी देखी गई है। इसके बाद से बाइक कहीं ट्रेस नहीं हुई। इससे माना जा रहा है कि इसके बाद बदमाश किसी दूसरे वाहन, बस, कार, ट्रेन से भागे होंगे तो उन्होंने कहीं न कहीं बाइक छोड़ी होगी।
इसके लिए पुलिस ने शहर के बाहर नहर, तालाब, खेत और बाग को भी तलाश की। इसके अलावा शहर के बाजारों में बने स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे के टैक्सी स्टैंड भी ऐसी बाइकों की तलाश की। शनिवार को पुलिस टीम रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां भी टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। हालांकि पुलिस को यहां सफलता नहीं मिल पाई है। स्टैंड संचालक से ऐसी बाइकों की जानकारी मांगी, जो पंद्रह फरवरी से खड़ी हैं। जिन्हें अब तक कोई लेने नहीं आया है।
तेजी से बढ़ते काम व नाम से कुछ लोगों की नजरों में खटक रहे थे श्वेताभ
तेजी से बढ़ते काम और नाम की वजह से श्वेताभ तिवारी कुछ लोगों की नजरों में खटकने लगे थे। सवाल उठ रहा है कि उनका ये काम और नाम ही तो कहीं उनकी जान का दुश्मन नहीं बन गया। मुरादाबाद समेत दिल्ली और एनसीआर की कई कंपनी और फर्मों का ऑडिट का नाम उनके पास था। बताया जा रहा है कि मुरादाबाद में 50 प्रतिशत काम उनके पास था। श्वेताभ तिवारी ने 1988 में सीए पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने शहर के नामचीन सीए प्रदीप कपूर के अंडर में प्रैक्टिस की थी।
इसके बाद श्वेताभ ने अपना काम अलग कर लिया था। 1998 में वाजिद नगर में उन्होंने अपना पहला दफ्तर खोला था। वहां वर्षों तक उन्होंने यहां काम किया। करीब पांच साल पहले उन्होंने दिल्ली रोड पर बंसल कॉम्पलेक्स में अधिवक्ता संजीव बंसल, सीए अखिल अग्रवाल और आलोक रस्तोगी के साथ मिलकर श्वेताभ एंड एसोसिएट्स चार्टेड एकाउंटेंट नाम से दफ्तर खोला था। इसके बाद उन्होंने यहां मुरादाबाद के अलावा दिल्ली गाजियाबाद और नोएडा समेत एनसीआर की बड़ी फर्मों, कंपनी, कारोबारी, निर्यातक, डॉक्टर समेत उद्योगपतियों की फर्मों का ऑडिट किया था।
डॉ. शैली, कुशांक गुप्ता जैसी पहेली न बन जाए सीए श्वेताभ हत्याकांड
शहर के चर्चित डॉ. शैली हत्याकांड और स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता हत्याकांड जैसे ही कहीं सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड भी पहेली न बन जाए। सिविल लाइंस की जिगर कॉलोनी में पंद्रह मई 2014 की रात जिला अस्पताल की पूर्व सीएमएम डॉ. शैली, उनके पति डॉ. ओम, ननद डॉ. रश्मि और पांच साल की पोती दिव्यांशी उर्फ गिन्नी की हत्या कर दी गई थी। वहीं 12 जनवरी 2022 को रामगंगा विहार में कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कैद तो हुईं लेकिन पुलिस अब तक उन्हें पकड़ नहीं पाई है। अब दिल्ली रोड किनारे बंसल कॉक्सलेक्स के बाहर सीए श्वेताभ तिवारी को गोलियों से भून दिया गया है। इस हत्याकांड को भी बाइक सवार बदमाशों ने अंजाम दिया। कुशांक गुप्ता और सीए श्वेताभ तिवारी पर लगभग एक ही अंदाज में गोलियां चलाई गई हैं।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख की हत्या करने वाले की लोकेशन तलाश रही पुलिस
24 फरवरी 2014 को भरी कचहरी में पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने बिलारी के गांव निवासी सुमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसे मुरादाबाद जेल से बदायूं जेल ट्रांसफर कर दिया था। 13 मई 2018 की रात करीब आठ बजे सुमित कुख्यात अपराधी देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह की मदद से जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था। जिस पर दो लाख का इनाम घोषित है। पुलिस सुमित की लोकेशन भी तलाश रही है। जानना चाह रही है कि कहीं मुरादाबाद का कोई शख्स उसके संपर्क में तो नहीं है।