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सबसे ज्यादा आती हैं बिल्डरों की शिकायतें

Sat, 12 Apr 2014 04:29 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 12 Apr 2014 04:29 PM IST
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Buyers in problem by builders fraud

गुड़गांव के सैकड़ों लोग बिल्डरों की कारिस्तानी से परेशान हैं। प्रोजेक्ट बेचने के दौरान दिखाने वाले सब्जबाग के जाल में फंसकर लोग उनके चक्कर काट रहे हैं।

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मास्टर प्लान आने के बाद बिल्डरों की बाढ़ सी आ गई है। लगातार आती शिकायतों के बाद तीनों जोन में आर्थिक अपराध शाखा खोल दी गई है। हर साल बिल्डरों के खिलाफ धोखाधड़ी के 50 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं।
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सिकंदरपुर में पाल बिल्डर है। उसने प्रोजेक्ट लांच कर दो दर्जन से अधिक लोगों से पैसा लिया, पर निर्माण हुए ही नहीं। उसके खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी के लगभग दस मामले दर्ज किए हुए हैं।
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एमजी रोड पर वाटिका बिल्डर है। उसने प्रोजेक्ट लांच करने से पहले तीन साल तक ब्याज न लेने का सपना दिखाया और बाद में एक साथ ब्याज का पैसा वसूल रहा है। आवंटी इस बात को लेकर कार्यालय के आसपास चक्कर लगाते हैं कि जो कब्जा दिया जा रहा है, वहां पर सड़क व पानी तो उपलब्ध कराए।

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इसके साथ ही रामप्रस्थ बिल्डर है। लगभग दो हजार लोगों को तीन साल पहले फ्लैट पर कब्जा देना था, मगर अब तक नहीं मिला है। बिल्डर के खिलाफ आए दिन प्रदर्शन होता है।


इस तरह से लैंडमार्क, पार्श्वनाथ, बानी ग्रुप सहित तमाम बिल्डरों की शिकायतें आर्थिक अपराध शाखा को मिल रही हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से सुपरटेक बिल्डर के 500 फ्लैट ढहाने के फैसले के बाद लोगों के भीतर इनसे न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल कहते हैं कि आर्थिक अपराध शाखा के पास आने वाली शिकायतों में सबसे ज्यादा बिल्डरों की ओर से किए गए करार को तोड़ने की बात होती है।

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