स्टिंग ऑपरेशन के जरिए लिंग जांच का भंडाफोड़, नर्स गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को स्टिंग ऑपरेशन के जरिये लिंग जांच का भंडाफोड़ किया। रेलवे रोड स्थित भटनागर अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ की देखरेख में नर्स सह रिसेप्सनिस्ट रेणू के जरिये लिंग जांच का खेल चल रहा था।
मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन सील करने के साथ ही अस्पताल प्रबंधक, डॉक्टर और नर्स के अलावा दलाल के खिलाफ पीएनडीटी (प्री-नैटल डायग्नोस्टिक टेक्निक) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग को इस अस्पताल पर पहले से ही शक था। इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार दोपहर शक के आधार पर स्टिंग ऑपरेशन किया।
एक गर्भवती को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गुपचुप तरीके से जांच के लिए तैयार किया। इसके लिए एक कृष्णा नामक दलाल से संपर्क किया गया। उसने पूरा सौदा 20 हजार में तय किया।
ऐसे खुली अस्पताल की पोल
दोपहर में महिला को 1000-1000 रुपये के साइन किए हुए 20 नोट दिए। डिप्टी सिविल सर्जन सरयू शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित रुपये लेकर कृष्णा नकली मरीज बनकर गई महिला को भटनागर डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर पहुंची।
सेंटर पहुंचने के बाद उसे बिना किसी औपचारिकता, ओपीडी रजिस्ट्रेशन और अल्ट्रासाउंड के फॉर्म-एफ के बिना ही गर्भवती महिला को एक रूम में लेकर अल्ट्रासाउंड कर गर्भ में पल रहे लिंग की जानकारी दे दी।
इसी दौरान सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ की अगुवाई में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सरयू शर्मा, जिला ड्रग अधिकारी अमनदीप चौहान और रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव श्याम सुंदर पुलिस बल के साथ सेंटर में पहुंच गए।
टीम ने रंगे हाथों नर्स रेणू को अल्ट्रासाउंड करते हुए काबू कर लिया। आरोपी से रुपये भी बरामद कर लिए गए, जो साइन करके दिए गए थे। सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्र पर एक महिला को नकली मरीज बनाकर भेजा गया।
इसके बाद वहां लिंग जांच के मामले का खुलासा हुआ है। पूरा खेल यहां की महिला रोग विशेषज्ञ की देखरेख में हो रहा था। उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। अस्पताल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मशीन भी सील कर दी गई है।