बुलंदशहर हिंसा के 29 दिनः अपने आकाओं के संपर्क में है आरोपी नं. 1 योगेश राज, फिर भी पुलिस से दूर
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बुलंदशहर के स्याना बवाल प्रकरण में योगेश राज और संगठन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। लगातार योगेश संगठन पदाधिकारियों के संपर्क में है, इसके बावजूद पुलिस उसका सुराग लगाने में नाकाम है।
स्याना बवाल को 29 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोपी नंबर एक योगेश राज की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है। योगेश के अलावा भाजयुमो का पूर्व स्याना नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
सूत्रों की मानें तो दोनों आरोपी अपने-अपने संगठन में वरिष्ठ पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा है। इसे पुलिस की नाकामी कहें या खुफिया तंत्र का फेलियर यह तो जांच का विषय है, लेकिन आरोपी योगेश व शिखर सोशल मीडिया पर बीते दिनों अपनी बेगुनाही के वीडियो वायरल कर पुलिस को चुनौती दे चुके हैं।
15 नामजद अभी भी फरार
मामले में पुलिस अभी तक 11 नामजद समेत 29 आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन अभी तक 15 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस लगातार सभी फरार आरोपियों की तलाश में खाक छान रही है, लेकिन गिरफ्तारी असंभव नजर आ रही है।
सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणाली
पुलिस की कार्यप्रणाली शुरुआत से ही सवालों में घिरी नजर आ रही है। पहले योगेश राज, फिर जीतू, फिर प्रशांत और कलुआ के नाम मुख्य आरोपियों में शामिल हैं, लेकिन इंस्पेक्टर की पिस्टल और मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका है। अब बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर की हत्या के बाद आरोपी प्रशांत ने पिस्टल वहीं फेंक दिया था, लेकिन पुलिस को मौके से पिस्टल नहीं मिली। मंगलवार को कोर्ट खुलने के बाद पुलिस कुछ आरोपियों से इंस्पेक्टर की पिस्टल, तीन मोबाइल फोन बरामद करने के लिए उन्हें पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट से मांग करेगी।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। कुछ आरोपियों के खिलाफ इनपुट भी मिला है, जल्द गिरफ्तारी संभव है। - अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी