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बुलंदशहरः स्याना सीओ और चौकी इंचार्ज के बाद एसएसपी का भी हुआ तबादला, मुख्यालय अटैच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:53 AM IST
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प्रभाकर चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर बवाल मामले में एडीजी इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर शुक्रवार देर रात जहां स्याना के सीओ सत्य प्रकाश शर्मा और चौकी इंचार्ज चिंगरावठी सुरेश कुमार को हटा दिया गया, वहीं शनिवार सुबह बुलंदशहर के एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह को मुख्यालय अटैच कर दिया गया।
इनकी जगह बुलंदशहर की कमान एसपी प्रभाकर चौधरी को सौंपी गई है। प्रभाकर चौधरी इससे पहले सीतापुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। इससे पहले डीजीपी ओपी सिंह ने एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरोडकर की जांच रिपोर्ट शुक्रवार को ही सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री का रवैया खासा सख्त है। वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पहले ही दे चुके है।
डीजीपी मुख्यालय में रिपोर्ट को दिया अंतिम रूप
मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने से पहले डीजीपी मुख्यालय में इस मुद्दे पर देर तक विमर्श हुआ। डीजीपी ने बैठक में मौजूद एडीजी शिरोडकर से कई बिंदुओं पर चर्चा की। इसके बाद कुछ बिंदुओं पर संशोधन कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया।
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इनकी जगह बुलंदशहर की कमान एसपी प्रभाकर चौधरी को सौंपी गई है। प्रभाकर चौधरी इससे पहले सीतापुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। इससे पहले डीजीपी ओपी सिंह ने एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरोडकर की जांच रिपोर्ट शुक्रवार को ही सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री का रवैया खासा सख्त है। वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पहले ही दे चुके है।
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डीजीपी मुख्यालय में रिपोर्ट को दिया अंतिम रूप
मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने से पहले डीजीपी मुख्यालय में इस मुद्दे पर देर तक विमर्श हुआ। डीजीपी ने बैठक में मौजूद एडीजी शिरोडकर से कई बिंदुओं पर चर्चा की। इसके बाद कुछ बिंदुओं पर संशोधन कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया।
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Sitapur SP Prabhakar Chaudhary has been appointed as SSP Bulandshahr. He replaces Krishna Bahadur Singh who has now been transferred to DGP Headquarters, Lucknow. pic.twitter.com/2IIdjMIN3V
— ANI UP (@ANINewsUP) December 8, 2018
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6 गिरफ्तार
बुलंदशहर बवाल में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के आरोपी फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू को आर्मी ने एसटीएफ के हवाले कर दिया। शुक्रवार को एसटीएफ नोएडा जम्मू पहुंची और वहां से उसे कस्टडी में लेकर आई।
इस प्रकरण में बुलंदशहर पुलिस ने पांच अन्य आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फौजी को गोपनीय जगह पर रखकर एसटीएफ पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर की हत्या के बाद फौजी ने अपनी आरआर-22 यूनिट जम्मू में आमद करा दी थी।
पुलिस के मुताबिक थाना स्याना क्षेत्र के गांव महाव निवासी आरोपी फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू ने चौकी चिंगरावठी पर हुए बवाल में गोली चलाई थी। पुलिस का दावा है कि उसी की चलाई गोली से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत हुई।
इसकी जांच एडीजी इंटेलीजेंस, एसटीएफ और एसआईटी संयुक्त रूप से कर रही है। एसटीएफ नोएडा और बुलंदशहर पुलिस बृहस्पतिवार को फौजी को लेने के लिए जम्मू रवाना हुए थे। शुक्रवार को सीओ एसटीएफ ने जम्मू में सेना के अधिकारियों से बातचीत की।
इस प्रकरण में बुलंदशहर पुलिस ने पांच अन्य आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फौजी को गोपनीय जगह पर रखकर एसटीएफ पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर की हत्या के बाद फौजी ने अपनी आरआर-22 यूनिट जम्मू में आमद करा दी थी।
पुलिस के मुताबिक थाना स्याना क्षेत्र के गांव महाव निवासी आरोपी फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू ने चौकी चिंगरावठी पर हुए बवाल में गोली चलाई थी। पुलिस का दावा है कि उसी की चलाई गोली से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत हुई।
इसकी जांच एडीजी इंटेलीजेंस, एसटीएफ और एसआईटी संयुक्त रूप से कर रही है। एसटीएफ नोएडा और बुलंदशहर पुलिस बृहस्पतिवार को फौजी को लेने के लिए जम्मू रवाना हुए थे। शुक्रवार को सीओ एसटीएफ ने जम्मू में सेना के अधिकारियों से बातचीत की।
फौजी पर लगा दी थी पाबंदी
बुलंदशहर पुलिस फौजी को कस्टडी में लाने के लिए कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेकर गई थी। पुलिस ने सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का दावा भी किया था। ऐेसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने जीतू को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। यह टीम उसे फ्लाइट से दिल्ली लेकर आई। वहां से गोपनीय स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू की है।
आर्मी ने सूचना मिलते ही फौजी पर लगा दी थी पाबंदी
बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारियों ने जीतू की यूनिट के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर बवाल की पूरी जानकारी दी थी। यह भी दावा किया था कि उनके पास एक वीडियो है, जिसमें जीतू गोली चलाता दिख रहा है।
इसकी जानकारी मिलते ही सेना के अधिकारियों ने फौजी के यूनिट से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी थी। उस पर निगरानी भी शुरू कर दी गई। दरअसल जीतू जम्मू के तैनात है और बवाल के दौरान अपने गांव छुट्टी पर आया था। इंस्पेक्टर की मौत का पता चलते ही वह तत्काल जम्मू चला गया। इस मामले में वो नामजद है।
आर्मी ने सूचना मिलते ही फौजी पर लगा दी थी पाबंदी
बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारियों ने जीतू की यूनिट के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर बवाल की पूरी जानकारी दी थी। यह भी दावा किया था कि उनके पास एक वीडियो है, जिसमें जीतू गोली चलाता दिख रहा है।
इसकी जानकारी मिलते ही सेना के अधिकारियों ने फौजी के यूनिट से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी थी। उस पर निगरानी भी शुरू कर दी गई। दरअसल जीतू जम्मू के तैनात है और बवाल के दौरान अपने गांव छुट्टी पर आया था। इंस्पेक्टर की मौत का पता चलते ही वह तत्काल जम्मू चला गया। इस मामले में वो नामजद है।
फौजी ने जिस हथियार से गोली चलाई है, उसे बरामद करने लिए पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है। नोएडा एसटीएफ देर रात तक दिल्ली में उसको एक गोपनीय जगह पर रखकर पूछताछ कर रही है। उसे लेकर एसटीएफ चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास (बवाल का घटनास्थल) भी जा सकती है। शनिवार को इस मामले में पुलिस और एसटीएफ खुलासा करने का दावा कर रही है।
पांच अन्य गिरफ्तार
तीन दिसंबर को स्याना में हुए बवाल के बाद पुलिस केवल तीन लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी थी। मुख्य आरोपी बजरंग दल काजिला संयोजक योगेश राज फरार है। शुक्रवार को पुलिस ने वायरल वीडियो से रोहित निवासी गांव बरौली वासुदेवपुर, मोनू निवासी गांव नया बांस, चंद्रपाल निवासी गांव महाच, कुलदीप निवासी गांव थल इनायतपुर व जितेंद्र उर्फ लाला निवासी गांव चिंगरावठी की पहचान की। पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह के अनुसार बवाल में 27 लोगों को नामजद करते हुए 50-60 अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पांच अन्य गिरफ्तार
तीन दिसंबर को स्याना में हुए बवाल के बाद पुलिस केवल तीन लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी थी। मुख्य आरोपी बजरंग दल काजिला संयोजक योगेश राज फरार है। शुक्रवार को पुलिस ने वायरल वीडियो से रोहित निवासी गांव बरौली वासुदेवपुर, मोनू निवासी गांव नया बांस, चंद्रपाल निवासी गांव महाच, कुलदीप निवासी गांव थल इनायतपुर व जितेंद्र उर्फ लाला निवासी गांव चिंगरावठी की पहचान की। पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह के अनुसार बवाल में 27 लोगों को नामजद करते हुए 50-60 अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।