ग्रेनो में दो बिल्डिंग जमींदोज: बिल्डरों की लापरवाही और लालच हादसे का जिम्मेदार, स्थानीय लोग भड़के
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहबेरी गांव में दो इमारतों के गिरने से स्थानीय लोगों में काफी रोष नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि शाहबेरी गांव में बिल्डरों ने औने पौने दामों पर जमीन खरीद लीं और बिना किसी नियम का पालन किए निर्माण कार्य करने लगे। यहां नोएडा या ग्रेटर नोएडा की तुलना में सस्ते मकान उपलब्ध कराए जा रहे थे।
लेकिन यह सस्ते मकान खराब गुणवत्ता की निर्माण सामग्री से बनाए जा रहे थे। यहां के बिल्डरों का निर्माण माडल ही यही थी। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि गांव में निर्माण होने की वजह से प्राधिकरण का भी कोई लेना देना नहीं रहता। इसका फायदा उठाकर बिल्डर मनमर्जी चलाते हैं। लोग सोचते हैं कि उन्हें कम कीमत में आशियाना मिल रहा है पर होता यह है कि पेमेंट करने के बाद वे फंस जाते हैं।
एक और प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यहां पर ज्यादातर ऐसे लोग मकान लेते हैं जो बस किसी तरह अपना घर चाहते हैं, वे बड़ी आसानी से बिल्डर के बुने जाल में फंस जाते हैं बाद में उन्हें बेहतर सड़कें, पानी या अन्य जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं। यह क्षेत्र प्राधिकरण के दायरे से बाहर है यह बात ज्यादातर लोगों को पता भी नहीं होती। बिल्डर कभी पूरी जानकारी ठीक से देते भी नहीं हैं। इससे भोले भाले लोग फंस जाते हैं और ऐसी जगह रहने लगते हैं जहां उन्हें बाद में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बसने से पहले ही उजड़ा आशियाना
कुछ लोगों ने बताया कि एक परिवार ने मंगलवार को ही पूजा पाठ कर अपना सामान नए फ्लैट में शिफ्ट किया था। कुछ और परिवार आने वाले थे। लेकिन इस हादसे ने कई परिवारों को सपने भी तोड़ दिए।
मौके पर पहुंचे आला अफसर
ग्रेनो वेस्ट में हुए दर्दनाक हादसे की खबर सुनकर जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात घटनास्थल पर पहुंच गए । साथ ही कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य जुट गई ।वहीं, इतने बड़े हादसे के बावजूद प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में नाराजगी दिखी।
16 परिवारों के दबे होने की आशंका
मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया की निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसे के दौरान 4 परिवार और उसके बराबर स्थित बिल्डिंग में 12 परिवार रह रहे थे। इन सभी परिवारों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इसके अलावा बिल्डिंग के बराबर में एक या दो झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के भी मलबे में दबे होने की बात कही जा रही है। हालांकि आधिकारिक रूप से देर रात तक मलबे में दबे होने वाले लोगों संख्या की जानकारी नहीं दी जा सकी।
रास्ता खराब होने से राहत कार्य में देरी
शाहबेरी गांव की भूमि पर बनी कॉलोनी में जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां कीचड़ होने के कारण राहत व बचाव कर्मियों को पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि सड़कें खराब और कम चौड़ी हैं इसलिए जेसीबी मशीन और क्रेन में ले जाने में दिक्कत हो रही है।
मौके पर उमड़ा लोगों का हुजूम
शाहबेरी गांव में दर्दनाक हादसे की खबर जिसने सुनी वह घटनास्थल की और दौड़ पड़ा। आसपास की कॉलोनी गांव के विभिन्न सोसायटियों में रहने वाले सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों की भीड़ को नियंत्रण करने में पुलिस को परेशानी हुई। वहीं राहत बचाव कार्य भी बाधित हुआ।