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उत्तरी दिल्ली निगम इलाके में मकान बनाना अब पड़ेगा महंगा, प्रस्ताव पर मुहर

Fri, 23 Oct 2020 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 23 Oct 2020 05:45 AM IST
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Building a house in North Delhi Corporation area will now be expensive
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में अब घर बनाना महंगा हो जाएगा। निगम ने बृहस्पतिवार को स्थायी समिति की बैठक में रेगुलेटरी शुल्क वसूलने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब रेगुलेटरी शुल्क पर 0.10 से लेकर 0.20 फीसदी तक शुल्क देना होगा। इसके लिए सर्कल रेट का 0.10 फ़ीसदी शुल्क 50 वर्ग मीटर के प्लॉट पर और 0.20 प्रतिशत शुल्क 50 वर्ग मीटर से ज्यादा के प्लॉट पर देना होगा।
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दरअसल, आर्थिक मंदी से जूझ रहे उत्तरी निगम ने वित्तीय हालत में सुधार करने के लिए इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। इससे अब निगम क्षेत्र में रिहायशी संपत्ति के मकान का नक्शा पास कराने के लिए 0.10 फीसदी और 0.20  फ़ीसदी का शुल्क जमा करना होगा। वहीं, व्यावसायिक संपत्ति में सभी श्रेणी के प्लॉट को 0.20 फ़ीसदी की बढ़ोतरी में शामिल किया गया है। 
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यानी अब नए प्रस्ताव के तहत यदि कोई  ए  श्रेणी का संपत्ति धारक 50 वर्ग मीटर के मकान का नक्शा पास कराता है तो इसके लिए उसे निगम को 774 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, 50 वर्ग मीटर से ज्यादा के प्लॉट के लिए यह शुल्क 1548 रुपये लगेगा। इसके अलावा व्यवसायिक संपत्ति की बात करें तो औद्योगिक श्रेणी के तहत आने वाली संपत्तियों पर यह शुल्क 3096 रुपये हो जाएगा। वहीं, व्यावसायिक श्रेणी  में सभी वर्ग के लिए यह शुल्क 4644 रुपये रहेगा।
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उत्तरी निगम : छत पर चला सकेंगे रेस्तरां
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के बाद अब उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भी रेस्तरां के लिए खुले स्थान के प्रयोग को लेकर मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के बाद अब उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले  रेस्तरां छत में खुले स्थान का प्रयोग खाना परोसने के लिए कर सकेंगे। वहीं, इससे निगम को भी करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। 


इस संबंध में स्थायी समिति के अध्यक्ष छैला बिहारी गोस्वामी के अनुसार, इसके लिए रेस्तरां के पास अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र होना चाहिए। वहीं, शुल्क के आधार पर ही  रेस्तरां को खाना परोसने के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके लिए लाइसेंस प्राप्त रेस्तरां को 200 रुपये प्रति वर्ष हिसाब से शुल्क अदा करना होगा। वहीं, चार स्टार से कम रेस्तरां मालिक 100 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से शुल्क अदा करेंगे। 
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