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क्या इस बार का बजट पूरे करेगा युवाओं के ये सपने

Sun, 22 Jan 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sun, 22 Jan 2017 09:11 AM IST
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budget expectation of youth in 2017
बजट - फोटो : Demo Pic.
अपने भाषण में युवा शक्ति का जिक्र करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वित्त मंत्री से युवाओं के लिए खास की उम्मीद की जा रही है। युवाओं की उम्मीद है कि युवाओं का देश से संबोधित करने वाले मोदी के जेटली की पोटली से ऐसा कुछ निकलेगा। जिसका हर युवा दिल स्वागत करेगा।
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कॉलेज से निकलने वाले छात्रों को रोजगार के नए साधन के साथ स्टार्टअप और इनोवेशन के नए द्वार की उम्मीद है तो खिलाडिय़ों को स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी और खेल की बुनियादी सुविधा सुधारने के लिए कुछ नए कदम उठाने का इंतजार किया जा रहा है।
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स्कूल, कॉलेजों में डोनेशन के नाम पर कालेधन के लेन-देन पर रोक के लिए डोनेशन को क्रॉस चेक से देना जरूरी किया जाए। एमबीबीएस, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी शिक्षा की फीस सस्ती करने के साथ आईआईटी व आईआईएम जैसी संस्थानों को बढ़ावा देने के साथ प्राइवेट कॉलेजों की फीस निर्धारण को लेकर व्यवस्था हो। युवाओं का कहना है कि लोक लुभावन बजट की बजाय कुछ व्यवस्था की जाए, जिससे यहां रोजगार मिले। ह्यूमन रिसोर्स और यूथ कैपासिटी का पूरा इस्तेमाल हो।
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साइबर सिटी से दिल्ली यूनिवर्सिटी या आईआईटी दिल्ली, खडग़पुर जाने की हर प्रदेश में दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसा यूनिवर्सिटी और श्रीराम कॉलेज जैसा कॉलेज जरूर हो। शिक्षा का बजट हो। फीस कम करने के साथ स्कॉलरशिप का इंतजाम किया जाए। इसके लिए बजट मिले।

शिक्षा से दूर छात्रों के लिए केवल कागजी कार्रवाई होने के बाजय बजट में काम पर फोकस हो। युवाओं के लिए कपड़े, जूते व अन्य चीजों की जरूरत होती है। यूथ बहुत बड़ा उपभोक्ता है। उनके लिए सस्ती चीजें हो।

युवाओं की प्रतिक्रिया
गोपिका: ब्रांडेड कपड़े, जूते से लेकर तमाम ऐसी वस्तुएं पर है जिनकी बेहद जरुरत है। इन सब चीजों पर टैक्स पर छूट की उम्मीद है। बाइक से टैक्स ही पूरा हटा दिया जाए। नशे और गैर जरूरी चीजों पर अधिक से अधिक टैक्स लगे।

तरूण डबास: स्टार्टअप क्रेज बढ़ रहा है। कम से कम गारंटी पर लोन मिले। सरकारी एजेंसी की व्यवस्था हो, जो इसमें मदद कर सके। रोजगार बढ़ाने के लिए स्टार्टअप को टैक्स फ्री लोन का इंतजाम हो तो बेहतर रहेगा।

आरुषि अग्रवाल: शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर हो। एजुकेशन लोन जरूर सस्ता होना  चाहिए। जिससे हायर स्टडीज अधिक करने का मौका मिले। इसके लिए जिले में एक नोडल एजेंसी की व्यवस्था की जाए।


अबीन: गांवों से पलायन रोकने के लिए रोक बजट में इंतजाम हो। गांवों के अलग से बजट हो। जिस तरह से रेल के लिए अलग बजट जारी किया जाता है, उसी तरह कृषि और ग्रामीण विकास के लिए बजट हो।स्किल बेस्ड एजुकेशन और सरकारी यूनिवर्सिटी की जरुरत है। सस्ती फीस हो। इससे पैरेंट्स पर बोझ कम होगा।
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