{"_id":"63d9cd5b693ba71a58287f24","slug":"budget-2023-traders-eyeing-budget-need-for-relief-have-sent-their-demands-through-a-letter-to-finance-minister-2023-02-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उम्मीद: बजट पर टिकी व्यापारियों की नजर, राहत की दरकार, वित्त मंत्री को खत के जरिए पहुंचा चुके हैं अपनी मांगें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्मीद: बजट पर टिकी व्यापारियों की नजर, राहत की दरकार, वित्त मंत्री को खत के जरिए पहुंचा चुके हैं अपनी मांगें
Wed, 01 Feb 2023 07:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 01 Feb 2023 07:57 AM IST
सार
Budget 2023:व्यापारियों की नजर बजट पर टिकी है। व्यापारियों को राहत की दरकार है। बजट से पहले व्यापारियों ने अपनी मांगे केंद्रीय वित्त मंत्री तक पत्र के माध्यम से पहुंचाईं थीं। व्यापारियों का कहना है कि कुछ सालों से कोरोना के कारण व्यापार काफी मंदी की मार झेल चुका है। इसे फिर से उबारने के लिए विशेष पैकेज के साथ छूट की दरकार है।
विज्ञापन
Budget 2023: Finance Minister Nirmala Sitharaman
- फोटो : Agency (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट पर दिल्ली-एनसीआर के लाखों व्यापारियों की नजर टिकी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि इस सरकार का अंतिम बजट होगा, ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दे रहे व्यापारियों को भारी छूट की उम्मीद है।
बजट से पहले व्यापारियों ने अपनी मांगे केंद्रीय वित्त मंत्री तक पत्र के माध्यम से पहुंचाईं थीं। व्यापारियों का कहना है कि कुछ सालों से कोरोना के कारण व्यापार काफी मंदी की मार झेल चुका है। इसे फिर से उबारने के लिए विशेष पैकेज के साथ छूट की दरकार है।
मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार लाए स्कीम
व्यापारी बहुत बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देते हैं। यदि बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए अलग से स्कीम और पैकेज की घोषणा की जाती है तो इसका सीधा फायदा रोजगार के क्षेत्र में होगा। व्यापारी भी रिस्क लेकर व्यापार को बढ़ाएगा। सरकार को चाहिए एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट हब की स्थापना करें।
विज्ञापन
इसके अलावा कारपोरेट व बड़ी कंपनियों को बैंक लोन 8-10 फीसदी की ब्याज दर से मिल जाता है, लेकिन छोटे व्यापारियों को नहीं, बजट में मिडिल क्लास को सस्ती ब्याज दरों पर लोन की सुविधा मिलनी चाहिए। 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत के बीच 10 प्रतिशत का टैक्स स्लैब वापस लाया जाए।10 लाख तक अधिकतम 10 प्रतिशत और उसके बाद कॉर्पोरेट टैक्स की तरह अधिकतम 25 प्रतिशत टैक्स होना चाहिए । -बृजेश गोयल चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन
विज्ञापन
बजट से पहले व्यापारियों ने अपनी मांगे केंद्रीय वित्त मंत्री तक पत्र के माध्यम से पहुंचाईं थीं। व्यापारियों का कहना है कि कुछ सालों से कोरोना के कारण व्यापार काफी मंदी की मार झेल चुका है। इसे फिर से उबारने के लिए विशेष पैकेज के साथ छूट की दरकार है।
विज्ञापन
मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार लाए स्कीम
व्यापारी बहुत बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देते हैं। यदि बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए अलग से स्कीम और पैकेज की घोषणा की जाती है तो इसका सीधा फायदा रोजगार के क्षेत्र में होगा। व्यापारी भी रिस्क लेकर व्यापार को बढ़ाएगा। सरकार को चाहिए एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट हब की स्थापना करें।
विज्ञापन
इसके अलावा कारपोरेट व बड़ी कंपनियों को बैंक लोन 8-10 फीसदी की ब्याज दर से मिल जाता है, लेकिन छोटे व्यापारियों को नहीं, बजट में मिडिल क्लास को सस्ती ब्याज दरों पर लोन की सुविधा मिलनी चाहिए। 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत के बीच 10 प्रतिशत का टैक्स स्लैब वापस लाया जाए।10 लाख तक अधिकतम 10 प्रतिशत और उसके बाद कॉर्पोरेट टैक्स की तरह अधिकतम 25 प्रतिशत टैक्स होना चाहिए । -बृजेश गोयल चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन
नकद लेनदेन की सीमा बढ़ानी चाहिए
नकद लेनदेन की सीमा दस हजार रुपये है जबकि छह साल पहले 20 हजार रुपये थी। महंगाई बढ़ने के साथ इस सीमा को भी फिर से 20 हजार कर देना चाहिए। दस हजार रुपये की सीमा काफी कम है। इनकम टैक्स में सेक्शन-80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक छूट मिलती है। इस सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर देना चाहिए। यदि सरकार इसमें बदलाव करती है तो काफी लोगों को राहत मिलेगी। - हेमंत गुप्ता, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव
मध्यम व निम्न आय वालों को मिलनी चाहिए राहत
बजट में मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों को छूट मिलनी चाहिए। दाल, चावल, अनाज हर व्यक्ति की जरूरत है, लेकिन 1,2,3 किलो के पैक पर भी जीएसटी लगाई गई है, जबकि 30 किलो से बड़े पैकेट पर जीएसटी की छूट है। हमारी मांग है कि छोटे पैकेट, खासकर दाल और चावल पर जीएसटी नहीं लगनी चाहिए। इससे मध्यम व निम्न आय के लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा कर प्रणाली में सुधार होना चाहिए। टैक्स में छूट की सीमा बढ़ानी चाहिए। बहुत बड़ी संख्या में लोग टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं।
- वीरेंद्र गोयल, दिल्ली ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष
मध्यम व निम्न आय वालों को मिलनी चाहिए राहत
बजट में मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों को छूट मिलनी चाहिए। दाल, चावल, अनाज हर व्यक्ति की जरूरत है, लेकिन 1,2,3 किलो के पैक पर भी जीएसटी लगाई गई है, जबकि 30 किलो से बड़े पैकेट पर जीएसटी की छूट है। हमारी मांग है कि छोटे पैकेट, खासकर दाल और चावल पर जीएसटी नहीं लगनी चाहिए। इससे मध्यम व निम्न आय के लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा कर प्रणाली में सुधार होना चाहिए। टैक्स में छूट की सीमा बढ़ानी चाहिए। बहुत बड़ी संख्या में लोग टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं।
- वीरेंद्र गोयल, दिल्ली ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष