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बजट 2020: दिल्ली को 1116 करोड़, केजरीवाल बोले- हुआ सौतेला व्यवहार

Sat, 01 Feb 2020 07:56 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 01 Feb 2020 07:56 PM IST
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Budget 2020: 1116 crores to Delhi government said it is insufficient
Budget 2020 - फोटो : pti

आम बजट में दिल्ली को 1116 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। इसका करीब 56 फीसदी केंद्रीय सहायता है। करीब 29 फीसदी के साथ दिल्ली को मिलने वाली दूसरी बड़ी मद केंद्रीय करों में हिस्सेदारी है। करीब 14 फीसदी चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए दिया गया है।

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पिछले बजट में दिल्ली को 1112 करोड़ रुपये दिए गए थे। संशोधित बजट में इसे 1037 करोड़ रुपये कर दिया गया था। हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली को केंद्रीय करों में से 325 करोड़ रुपये मिले हैं। केंद्रीय सहायता पिछले साल के 472 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार 626 करोड़ रुपये कर दी गई है। दिल्ली सरकार के चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे दिल्ली में पेयजल की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। 
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संशोधित बजट में पिछले साल यह राशि 225 करोड़ रुपये थी। केंद्र सरकार ने दिल्ली के आपदा प्रबंधन बजट को भी पिछले साल जितना ही रखा है। वित्त वर्ष 2019-20 के 5 करोड़ रुपये इस बार भी हैं। वहीं, सिख दंगा पीड़ितों के लिए 10 करोड़ रुपये दिल्ली को दिए गए हैं।
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केजरीवाल ने कहा- दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार
बजट पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक बार फिर दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार हुआ। भाजपा की प्राथमिकता में दिल्ली आता ही नहीं तो दिल्लीवाले उसे वोट क्यों दें? सवाल यह भी है कि चुनाव से पहले ही जब भाजपा दिल्ली को निराश कर रही है तो चुनाव के बाद क्या अपने वादे निभाएगी?

मनीष सिसोदिया ने गिनाईं खामियां
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट को दिल्ली वालों के साथ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि 2001 से दिल्ली को केंद्रीय करों में से 325 करोड़ रुपये मिलते रहे हैं, जबकि दिल्ली के लोग केंद्र सरकार को 1.5 लाख करोड़ रुपये टैक्स देते हैं। फॉर्मूले के तहत 7 हजार करोड़ रुपये मिलने चाहिए, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी राशि स्थिर है। 


इस बीच, दिल्ली का बजट 8.5 हजार करोड़ से 60 हजार करोड़ रुपये हो गया है। मनीष सिसोदिया के मुताबिक, नगर निगम के साथ हुआ धोखा भी आश्चर्यजनक है। बजट में निगम को 1 पैसा भी नहीं दिया गया।

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