बजट 2017 रियल एस्टेट के लिए खुशखबरी
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केंद्रीय बजट से रियल एस्टेट सेक्टर की सुस्ती दूर होने की उम्मीद बनी है। एनसीआर से जुड़े डेवलपर बताते हैं कि सस्ते आवासीय प्रोजेक्ट को बुनियादी ढांचे की हैसियत मिलने से फंड की किल्लत दूर होगी।
डेवलपर को आसानी से लंबे समय के लिए लोन मिलेगी। इसके अलावा हाउसिंग बैंक की लिमिट बढ़ाने से आम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। मांग और आपूर्ति बढ़ने से लोगों की आवास की जरूरतें पूरी होंगी।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि सस्ते मकानों को आधारभूत ढांचे की हैसियत मिलने से डेवलपर के लिए लोन लेना आसान होगा।
खास बात यह कि ऋण लंबे वक्त के लिए उपलब्ध रहेगा। फिर, बजट में नेशनल हाउसिंग बैंक का रिफाइनेंसिंग टारगेट बढ़ाने की घोषणा से मांग बढ़ेगी। इससे नए-नए आवासीय प्रोजेक्ट आएंगे।
डेवलपर को दी गई है राहत
विशेषज्ञ बताते हैं कि वित्त मंत्री ने नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) का टारगेट बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। तरलता बढ़ने से मकान खरीदने वालों को आसानी से लोन मिल जाएगा।
इतना ही नहीं, डेवलपर को भी प्रोजेक्ट के लिए फंड उपलब्ध रहेगा। डेवलपर सुरेंद्र गोयल बताते हैं कि सीमा बढ़ने से इसका दो तरफा फायदा मिलेगा।
तरलता बढ़ने से आम लोगों को होम लोन आसानी से मिल जाएगी। वहीं, डेवलपर को प्रोजेक्ट लोन मिलने में भी अड़चन नहीं होगी।
रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद मकानों के बिक्री न होने भी डेवलपर को राहत दी गई है। एक साल तक सरकार टैक्स नहीं लेगी। इससे उनपर आर्थिक दबाव कम होगा।