हरियाणा में पहली बार खुला बसपा का खाता
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विधानसभा चुनाव में फरीदाबाद के नौ विधानसभा क्षेत्रों में हाथी की चाल से बेखबर कई दिग्गजों का समीकरण बिगड़ गया। जीत के साथ पहली बार हरियाणा में खाता खोलने के साथ ही बसपा प्रत्याशियों ने दिग्गजों को कांटे की टक्कर दी। दलित समाज के साथ ही ब्राह्मण और मुस्लिम वोट काटने में भी प्रत्याशी कामयाब हुए। इसका नतीजा काउंटिंग के दिन दिग्गजों की हार के रूप में सामने आया।
हरियाणा में पहली बार पृथला से बसपा प्रत्याशी टेकचंद्र शर्मा ने जीत के साथ पार्टी का खाता खोला। उन्होंने एक तरफ जहां भाजपा के पारंपरिक कहे जाने वाले ब्राह्मण वोट काटे तो वहीं अन्य क्षेत्रों में भी अच्छा वोट हासिल कर पार्टी प्रत्याशी दिग्गजों को कांटे की टक्कर देते दिखाई दिए।
जातिवाद वोट का नहीं चला पिटारा
बसपा को हल्के में लेने वाले प्रत्याशियों को मुंह की खानी पड़ी। एनआईटी में बसपा प्रत्याशी लियाकत अली धौज शुरआती चरण से ही दिग्गजों को टक्कर देते रहे। उन्होंने विजयी प्रत्याशी नगेंद्र भड़ाना और पूर्व मंत्री पं. शिवचरण लाल शर्मा को कई चरणों तक बराबर की टक्कर दी। पहले राउंड में तीसरे स्थान पर रहने के बाद वह दूसरे राउंड में 7842 वोटों के साथ पहले स्थान पर पहुंच गए। वे मुस्लिम वोट तोड़ने में भी कामयाब हुए।
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के तिगांव क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी गिर्राज शर्मा ने भाजपा के पारंपरिक ब्राह्मण वोट काटे। उन्होंने कई राउंड तक भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को कांटे की टक्कर दी। 29,568 वोट हासिल कर वह तीसरे स्थान पर रहे।
कुछ यही हाल बल्लभगढ़ विधानसभा में भी रहा। यहां से बसपा प्रत्याशी धीरेंद्र प्रताप ने 14 राउंड चली काउंटिंग में 9378 वोट हासिल किए। पार्टी चुनाव में गुर्जर और वैश्य समाज का वोट काटकर कांग्रेस की हार का कारण बनी।
बड़खल में भी बसपा प्रत्याशी को भले ही हार मिली हो पर यहां महेंद्र प्रताप सिंह की पराजय में अहम भूमिका निभाई। बसपा ने हथीन में अपनी बड़ी उपस्थिति दर्ज कराई। तैयब हुसैन ने 31,214 वोट हासिल कर अन्य पार्टियों के दलित और मुस्लिम वोट तोड़े। पलवल में सुभाष कत्याल ने 7375 वोट हासिल किए। यहां पंजाबी वोट तोड़कर वह बीजेपी और इनेलो की राह को कांटे का बनाया।