{"_id":"688af010633ef1c7090ea27b","slug":"brother-and-sister-died-due-to-electric-shock-in-bathroom-father-also-injured-while-trying-to-save-them-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: बाथरूम में नहाने गए युवक की करंट की चपेट में आने से मौत, बचाने गई बहन की भी गई जान और पिता हुए घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: बाथरूम में नहाने गए युवक की करंट की चपेट में आने से मौत, बचाने गई बहन की भी गई जान और पिता हुए घायल
Thu, 31 Jul 2025 09:54 AM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 31 Jul 2025 09:54 AM IST
सार
बेगमपुर के राजीव नगर इलाके में बाथरूम में करंट लगने से भाई-बहन की मौत हो गई। इन्हें बचाने के दौरान पिता भी घायल हो गए हैं। मृत बच्चों की शिनाख्त विवेक और अंजू के रूप में हुई है।
विज्ञापन
मृतक भाई-बहन का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बेगमपुर में बुधवार देर रात करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। उसे बचाने के प्रयास में बहन और पिता भी करंट की चपेट में आ गए। पड़ोसियों की मदद से तीनों को अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भाई-बहन को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की शिनाख्त विवेक (26) और अंजू (28) के रूप में हुई है। परिवार वालों ने बिजली कंपनी टीपीडीडीएल को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि बुधवार देर रात 10.56 पर पुलिस को एक शख्स ने बताया कि राजीव नगर के बी ब्लॉक स्थित एक मकान की लाइट कटवा दें, यहां तीन लोग बिजली के तार से चिपके हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिजली कंपनी को इसकी जानकारी दी और मौके पर पहुंची। मौके पर सूचना देने वाला अभिषेक मिला, जिसने बताया कि तीन लोगों को करंट लग गया था, जिन्हें अग्रसेन अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस क्राइम और फोरेंसिक टीम को घटना की जानकारी देने के बाद अस्पताल पहुंची जहां पता चला कि डॉक्टरों ने विवेक और उसकी बहन अंजू को मृत घोषित कर दिया है। पिता कालीचरण का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
छानबीन में पता चला कि 50 गज में बने घर में खुली वायरिंग थी, जिसमें सीढि़यों की लोहे की ग्रिल पर तार खुले हुए थे। रात में मेन गेट बंद करने के बाद विवेक बाथरूम के लोहे के दरवाजे को बंद करने लगा, इसी दौरान वह दरवाजे से चिपक गया। शोर सुनकर बहन उसे बचाने लगी लेकिन वह भी चिपक गई। पिता भी बचाने के लिए आए लेकिन वह भी चिपक गए।
विज्ञापन
परिवार के अन्य सदस्य शोर मचाने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग आए और उन्हें वहां से निकलने की कोशिश की लेकिन बिजली के झटके की वजह से कोई कामयाब नहीं हो पाया। इसी बीच बिजली कंपनी को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर तक लाइट नहीं कटने पर अभिषेक नामक व्यक्ति ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मां से बचाने की गुहार लगा रहा था विवेक
जवान बेटे और बेटी को खोने के बाद मां स्तब्ध है। वह कुछ भी बोल नहीं पा रही है। रिश्तेदार राकेश चौहान ने बताया कि कालीचरण राजीव नगर के बी ब्लाॅक स्थित मकान में पत्नी बेवी, बेटे विवेक, विक्की और उसकी पत्नी और उसके 2.5 साल के बेटे के साथ रहते हैं। बेटी अंजू की दो महीने पहले ही बदरपुर में शादी हुई थी। कालीचरण वेल्डिंग का काम करते हैं। विवेक उनके काम में हाथ बंटाता था। बुधवार की रात सभी खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। देर रात विवेक घर का मुख्य दरवाजा बंद करने गया था तभी दरवाजे के बगल में बाथरूम का गेट छूते ही उसे करंट लग गया। वह मां को आवाज लगाकर बचाने की गुहार लगा रहा था।
काटनी थी बी ब्लॉक की लाइट, काट दी ए ब्लॉक की लाइट
मृत विवेक के चचेरे भाई कन्हैया का आरोप है कि अफरातफरी के माहौल के बीच उन्होंने बिजली कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन लगाया। करीब आधे घंटे बाद फोन लगा। फिर उन्हें इस घटना की जानकारी दी। उसके बावजूद काफी देर तक लाइट नहीं काटी गई। बाद में पता चला कि कंपनी के लोगों ने बी ब्लॉक की लाइट काटने की जगह ए ब्लॉक की लाइट काट दी। फिर पुलिस को घटना की जानकारी देने के बाद लाइट काटी गई। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचे कर्मचारी ने जांच की। आरोप है कि एक कर्मचारी ने खंभे से आ रहे अर्थिंग के तार को काट दिया जिसके बाद घर में करंट आना बंद हुआ।
कंपनी ने कमरे में लगाया था मीटर, शिकायत के बावजूद नहीं किया शिफ्ट
पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों का आरोप है कि बिजली कंपनी टीपीडीडीएल की लापरवाही से हादसा हुआ है। विवेक के रिश्तेदार राकेश चौहान ने बताया कि बिजली का मीटर कई साल पहले घर के अंदर एक कमरे में लगाया गया था। मीटर हटाने के लिए कई बार टीपीडीडीएल से बात की गई। इसकी ऑनलाइन शिकायत की गई लेकिन मीटर कमरे के बाहर नहीं लगाया गया। खंभे से मीटर का तार छत के रास्ते सीधा उनके कमरे में गया हुआ है। इस तार के साथ एक लोहे का तार जिसे अर्थिंग का बताया गया है वह भी खंभे से मीटर तक गया है।