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धंधेबाजों के चंगुल में जन आरोग्य योजना, ऐसे हो रही है वसूली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 23 Sep 2018 03:20 AM IST
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जन आरोग्य योजना
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जन आरोग्य योजना को रविवार को प्रधानमंत्री झारखंड राज्य से शुरू करेंगे। लेकिन इससे पहले ही यह योजना धंधेबाजों के चंगुल में फंस गई है। गूगल प्ले और वॉट्सएप के जरिए धंधेबाज लिंक वायरल कर हजार रुपये का शुल्क चुकाकर इस योजना में पंजीयन कराने का झांसा दे रहे हैं। जबकि यह योजना केंद्र सरकार की ओर से निशुल्क है।
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नीति आयोग तक पहुंची इन शिकायतों के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के माथे पर बल पड़ गए हैं। सरकार की आईटी सेल ने इसकी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही सरकार जन आरोग्य को लेकर फर्जीवाड़ा कर रहे इन मोबाइल एप और सोशल साइट को बंद करने का आदेश दे सकती है।
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दरअसल, मोदी सरकार ने 15 अगस्त को इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना रख दिया है। इस योजना के तहत 11 करोड़ परिवार के करीब 55 करोड़ से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने के लिए पंजीकृत करना है। इसलिए सरकार ने जिला स्तर पर निशुल्क पंजीयन मुहिम शुरू की थी। बावजूद इसके सोशल साइट पर इसे कमाई का जरिया बनाया जा रहा है।
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पहले वॉट्सएप, अब एप भी आ रहे सामने
देश के करोड़ों वॉट्सएप ग्रुप में वायरल हुए इस मैसेज में 1324 रुपये वार्षिक देने पर पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा जन आरोग्य के तहत दिलाने का दावा किया जा रहा था। इस मैसेज में एक वेबसाइट का लिंक भी था, जिस पर क्लिक करके उक्त वेबपेज तक पहुंचने की जानकारी दी गई थी। सरकार इस मैसेज को लेकर वॉट्सएप को भी आड़े हाथ लिया है। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोगों से किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शिकार न होने की अपील भी है।
निशुल्क है जन आरोग्य, जल्द लगेगा बैन
प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान के सीईओ इंदु भूषण का कहना है कि उनके संज्ञान में भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं। नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय से मिलकर बातचीत चल रही है। जल्द ही इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा है कि जन आरोग्य सभी लोगों के लिए निशुल्क है। पंजीयन से लेकर अस्पताल तक किसी से भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
निशुल्क है जन आरोग्य, जल्द लगेगा बैन
प्रधानमंत्री जनआरोग्य अभियान के सीईओ इंदु भूषण का कहना है कि उनके संज्ञान में भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं। नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय से मिलकर बातचीत चल रही है। जल्द ही इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा है कि जन आरोग्य सभी लोगों के लिए निशुल्क है। पंजीयन से लेकर अस्पताल तक किसी से भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।